दशहरा की रात घर में इन स्थानों में जलाएं दीया, खुल जाएगी बंद किस्मत के दरवाजे

Dussehra 2025 Diyas: विजयदशमी के दिन घरों में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और प्रगति के द्वार खुलते है। जानिए किन स्थानों में दीपक जलाना उत्तम होगा।
दशहरा की रात घर में इन स्थानों में जलाएं दीया, खुल जाएगी बंद किस्मत के दरवाजे
दशहरा की रात क्या करने से किस्मत चमक सकती है (सौ.सोशल मीडिया)
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Vijaya Dashami remedies: हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का महापर्व मनाया जाता है। जो इस बार 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाया जा रहा है। विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय प्राप्त की थी साथ ही, मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का अंत भी इसी दिन किया था।

आपको बता दें, यह पर्व न केवल विजय का जश्न है, बल्कि यह दिवाली से पहले मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का एक सुनहरा अवसर भी होता है। ऐसे में आइए जानते है दशहरा की रात क्या करने से किस्मत चमक सकती है।

दशहरा की रात क्या करने से किस्मत चमक सकती है

दशहरा के दिन दीपक जलाने का बड़ा महत्व

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, दशहरा का पर्व नवरात्रि के समापन और दिवाली के आगमन का संकेत देता है। इस दिन दीपक जलाना अमंगल को टालने और जीवन की बाधाओं को दूर करने का प्रतीक माना जाता है।

दीपक की रोशनी नकारात्मकता को दूर कर घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करती है।

मान्यता है कि विजयादशमी की रात सही स्थान और शुभ समय पर दीपक जलाने से घर में धन-धान्य और खुशहाली आती है।

दशहरा के दिन इन 5 जगहों पर दीपक जलाना शुभ:

घर का मुख्य द्वार

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के प्रवेश का स्थान माना जाता है। दशहरे की रात घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीपक (चार मुंह वाला दीया) जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर से राहु के बुरे प्रभाव को दूर करता है, सुख-समृद्धि के योग बनाता है और जीवन में नए अवसरों को आकर्षित करता है।

शमी वृक्ष के नीचे

दशहरा के दिन घर का मुख्य द्वार के अलावा शमी वृक्ष के नीचे भी दीपक जलाना शुभ होता है। शमी के पेड़ को विजय, सौभाग्य और धन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम ने लंका जाने से पहले शमी वृक्ष की पूजा की थी। दशहरे की शाम शमी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। ऐसा करने से कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।अगर घर में शमी का पौधा नहीं है, तो आप किसी मंदिर में शमी वृक्ष के नीचे दीपक जला सकते हैं।

पूजा स्थान/मंदिर

हर शुभ अवसर पर पूजा स्थान पर दीपक जलाना अनिवार्य होता है। दशहरे की रात अपने घर के पूजा स्थान पर घी का एक अखंड दीपक (जो रात भर जलता रहे) जरूर जलाएं। यह उपाय जीवन में सुख और शांति बनाए रखता है और सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

तुलसी के पौधे के पास

इस दिन तुलसी के पौधे के पास भी दीपक जलना शुभ होता है। तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का प्रतीक और विष्णु प्रिया माना जाता है।

दशहरे के दिन शाम को तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाने से घर में शुभता का आगमन होता है और आर्थिक तंगी दूर होती है।

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धन के स्थान पर

दशहरे की रात मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर में उस स्थान पर दीपक जलाएं जहां आप अपना धन, गहने या कीमती सामान रखते हैं, जैसे कि तिजोरी या अलमारी।

इस स्थान पर अलसी के तेल का दीपक जलाकर रखना धन में वृद्धि करता है और आय के नए स्रोत खोलता है।

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