आव्हाड के बाद पीठासीन अधिकारी और मंत्री से भिड़े BJP विधायक पडलकर, बोले- कोई...

Gopichand Padalkar: विवादों में घिरे भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर की शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा में पीठासीन अधिकारी और एक मंत्री के साथ बहस हो गई। जितेंद्र आव्हाड के साथ भी उनका विवाद शुरू है।
BJP MLA Padalkar argues with presiding officer and minister in Maharashtra assembly
विधायक गोपीचंदपडलकर और मंत्री दादाजी भुसे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: भारतीय जनता पार्टी विधायक गोपीचंद पडलकर इन दिनों विवादों में घिरे हुई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड के साथ विवाद और विधान भवन के अंदर उनके समर्थकों में हाथापाई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ थी कि पडलकर ने फिर एक विवाद खड़ा कर दिया है।

शुक्रवार को विधानमंडल के मानसून सत्र के आखिरी दिन भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर की विधानसभा में पीठासीन अधिकारी और एक मंत्री के साथ बहस हो गई। यह वाकयुद्ध उस समय हुआ, जब पडलकर ने शिक्षकों की सीधी भर्ती के संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसका अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और वीजेएनटी समुदायों पर प्रभाव पड़ रहा है।

पीठासीन अधिकारी ने सीधा प्रश्न पूछने कहा तो भड़के पडलकर

विधायक पडलकर इस मुद्दे पर बोल रहे थे, तभी पीठासीन अधिकारी समीर कुणावार ने उनसे सीधा और स्पष्ट प्रश्न पूछने का अनुरोध किया। इस पर भाजपा विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी सीधे प्रश्न के जरिये कैसे समझा जा सकता है। उन्होंने गुस्से में कहा कि मेरा ध्यानाकर्षण नोटिस रद्द कर दीजिए। मुझे कोई जवाब नहीं चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने दिया जवाब

इसके बाद राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने भाजपा विधायक को संबोधित करते हुए कहा कि मुद्दा महत्वपूर्ण था और जब ध्यानाकर्षण नोटिस लिया गया, तब आप उपस्थित नहीं थे। मैंने अध्यक्ष से कहा था कि आपकी उपस्थिति में इसे दोबारा लिया जाए। पडलकर के ऊंची आवाज में बोलने पर उन्होंने कहा कि मैं आपसे विनम्रता से बात कर रहा हूं।

विधानसभा में हुई झड़प के मामले में FIR दर्ज

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में 17 जुलाई को विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार गुट के विधायक जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच हुई झड़प की घटना में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मुंबई पुलिस ने अब तक इस झड़प मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद पक्ष और विपक्ष ने इसकी निंदा की है और झगड़ा करने वाले समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

कब शुरू हुआ मामला?

कुछ दिन पहले, विधान भवन परिसर में जाते समय जितेंद्र आव्हाड ने बिना नाम लिए गोपीचंद पडलकर पर निशाना साधते हुए ‘मंगलसूत्र चोर का… मंगलसूत्र चोर का’ के नारे लगाए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच यह विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों विधायकों में तीखी बहस भी हुई थी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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