

रांची: झारखंड के हजारीबाग में महाशिवरात्रि के मौके पर झंडा फहराने को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई है। इचाक प्रखंड अंतर्गत डुमरांव गांव में दो समुदाय आमने-सामने आ गए। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर पथराव और आगजनी हुई। हंगामे के बाद कई वाहनों में आग भी लगा दी गई। अब पूरे विवाद पर झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया आई है। लेकिन उनका बयान विवाद सुलझाने की बजाय और ज्यादा भड़काने वाला है।
शिवरात्रि के मौके पर हजारीबाग के इचाक थाना क्षेत्र के डुमरांव स्थित हिंदुस्तान चौक पर झंडा फहराने और लाउडस्पीकर बांधने को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। जिसमें दोनों समुदायों की तरफ से जमकर पथराव हुआ। इस घटना में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। भीड़ ने कई वाहनों में आग लगा दी। हालांकि पुलिस ने जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया।
अब इस पूरे वाकये पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने पूरे विवाद के लिए आरएसएस और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने यहां तक कह दिया कि मुसलमानों को कमजोर नहीं समझना चाहिए।
हजारीबाग में हुई हिंसा की घटना पर झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, मैंने एसपी से कहा है कि हजारीबाग के आसपास के इलाकों से अच्छे से निपटें। वहां असामाजिक तत्व हैं। आरएसएस की मानसिकता वाले लोग हैं।
कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोग हमारे युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं। इससे बीजेपी को फायदा मिल रहा है लेकिन हमारे बच्चे जेल जाएंगे। हमारी सरकार में ऐसा कभी नहीं होगा। हम उन लोगों को नहीं छोड़ेंगे जिन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया है।
इरफान अंसारी ने आगे कहा, अगर आप जबरन किसी के गांव में जाकर कहते हैं कि स्पीकर लगाएंगे तो ये क्या है? कल को आप ये भी कह सकते हैं कि मस्जिद में माइक्रोफोन लगाएंगे और उसके ऊपर आप इन लोगों पर केस भी दर्ज करा देंगे। ये कैसा तरीका है? वहां के एमपी और एमएलए क्या कर रहे हैं? झारखंड की अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि वहां के मुसलमानों को कमजोर समझ लिया है। मुसलमान गरीब हो सकते हैं, लेकिन कमजोर नहीं। सब क्या सोच रहे हैं कि बोलने वाला कोई नहीं है। मैं खुद वहां जाकर मामले की जानकारी लूंगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।