हेमंत सरकार की खुली पोल? CAG रिपोर्ट का हवाला देकर बाबूलाल मरांडी ने वित्तीय कुप्रबंधन पर घेरा

Jharkhand CAG Report: CAG रिपोर्ट को लेकर बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार से CAG की आपत्तियों पर जवाब देने की मांग की है।
Jharkhand Babulal Marandi CAG Report
बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाएसोर्स-सोशल मीडिया
Updated on

Jharkhand Babulal Marandi On CAG Report: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन के कारण कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मरांडी ने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मनरेगा के क्रियान्वयन में सामने आई खामियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि CAG की रिपोर्ट में योजनाओं की धीमी प्रगति, निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं और राशि के उपयोग में गंभीर कमियां सामने आई हैं। मरांडी के मुताबिक, 31 मार्च 2025 तक 1,60,565 करोड़ रुपये के खर्च से जुड़े उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित थे।

CAG के उपर लगाए गंभीर आरोप

मरांडी ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन में निविदा प्रक्रिया और कार्यों की गति को लेकर सीएजी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ निविदाओं में प्रतिस्पर्धा बेहद कम रही और एक ऐसे

संवेदक को अलग-अलग निविदाओं के जरिए करीब 148 करोड़ रुपए के काम दिए गए, जिसकी निविदा क्षमता नकारात्मक थी। उन्होंने कहा कि रांची-पूर्वी और खूंटी प्रमंडल की कुछ निविदाओं में केवल दो बोलीदाता शामिल हुए। सीएजी की जांच में दोनों बोलीदाताओं के डिमांड ड्राफ्ट एक-दूसरे द्वारा खरीदे जाने की बात सामने आने का भी उन्होंने दावा किया।

PM आवास योजना में देरी का आरोप

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि लक्ष्य और लाभार्थियों को अंतिम रूप देने में हुई देरी के कारण 22.34 लाख पात्र परिवारों में से 6.32 लाख परिवार योजना से बाहर रह गए।

मनरेगा को लेकर उन्होंने कहा कि योजना के लिए राशि 40 से 55 दिनों की देरी से जारी की गई, जबकि इसका उद्देश्य जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

Jharkhand Babulal Marandi CAG Report
झारखंड बंद के बीच सड़कों पर उतरी BJP, बाबूलाल मरांडी बोले- छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है पार्टी

राज्य सरकार पर साधा निशाना

उन्होंने दावा किया कि सीएजी को ऐसे खर्च भी मिले, जो योजना के तहत स्वीकार्य नहीं थे। नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2025 तक 1,60,565 करोड़ रुपए के खर्च से जुड़े उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित थे।

वहीं, वर्ष 2024-25 के 1,50,938.84 करोड़ रुपए के बजट में 31,110 करोड़ रुपए खर्च नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया कि 13 केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए मिली 1,916.63 करोड़ रुपए की राशि में से 596.02 करोड़ रुपए खर्च नहीं किए जा सके।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

मरांडी ने कहा कि सीएजी के निष्कर्ष केवल कुछ योजनाओं की कमियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकार की प्रशासनिक और वित्तीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने सरकार से रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों पर जवाब देने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

Navbharat Live
navbharatlive.com