

Ink attack on Neha Bora in Jharkhand Protest: झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर अज्ञात व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
घटना के बाद नेहा बोरा ने कहा कि छात्र आंदोलन को इस तरह की घटनाओं से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को आंदोलन के दौरान छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। उनके मुताबिक, जब छात्र तब नहीं डरे तो स्याही फेंकने जैसी घटना से आंदोलन नहीं रुकेगा।
नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि जो लोग खुद को छात्रों का हितैषी बताते हैं, वही छात्र आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर निकाले गए विधानसभा मार्च के दौरान उन पर स्याही फेंकी गई। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन शिक्षा और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है और इसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता।
दिल्ली से रांची पहुंचीं नेहा बोरा ने आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और परीक्षा से जुड़े विवादों का समाधान निकालना चाहिए।
नेहा बोरा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पीएचडी शोधार्थी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातक और अंबेडकर विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान में वे AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। शिक्षा, छात्र अधिकार, मॉब लिंचिंग, बिलकिस बानो मामले और गाजा जैसे मुद्दों पर मुखर राय रखने के कारण वे अक्सर चर्चा में रहती हैं। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।