

Cockroach Janta Party To JoinJharkhand Student Movement: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बावजूद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी की कोर कमेटी की एक अहम बैठक बुलाई।
बैठक से पूर्व संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने संगठन की भविष्य की रणनीतियों का खुलासा किया और बताया कि उनका अगला बड़ा पड़ाव झारखंड होगा।
संवाददाताओं से चर्चा करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी का उद्देश्य केवल एक मुद्दे तक सीमित रहना नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि वे जल्द ही झारखंड का दौरा करेंगे और वहां चल रहे छात्र आंदोलन में सीधे तौर पर शामिल होंगे।
दीपके ने स्पष्ट किया कि झारखंड में छात्रों की मांगों को लेकर जारी प्रदर्शनों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा ताकि भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाया जा सके और युवाओं को न्याय मिल सके।
सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने और औपचारिक राजनीति में प्रवेश करने की अटकलों पर विराम लगाते हुए दीपके ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि फिलहाल सीजेपी का राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है।
अभिजीत दीपके ने कहा, "हमारा आंदोलन इसलिए सफल हुआ क्योंकि लोग अपनी व्यक्तिगत विचारधाराओं और राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट हुए। आज भारत को किसी नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक सशक्त जनआंदोलन की जरूरत है।"
अभिजीत दीपके ने देश की प्रमुख जांच और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), सीबीआई (CBI) और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं से आम नागरिकों का भरोसा उठता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये संस्थाएं सरकारी नियंत्रण में काम कर रही हैं। सीजेपी आने वाले समय में देश की उन सभी संस्थाओं के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाएगी, जो निष्पक्षता खो चुकी हैं, ताकि सरकारी तंत्र पर जनता का विश्वास पुनः कायम किया जा सके।