झारखंड सिपाही भर्ती दौड़ में 11 बच्चों की मौत पर IPS की सफाई, उम्मीदवारों के एनर्जी ड्रिंक पर उठाया सवाल

झारखंड आबकारी कांस्टेबल भर्ती शरीरिक परीक्षा में ऑन ड्यूटी IPS अधिकारी का कहना है कि बच्चों को धैर्य की जरूरत है। उन्होंने इस घटना का जिम्मेदार अप्रत्यक्ष रूप से उम्मीदवारों को ही बताया है। उनका कहना था कि कुछ छात्र दौड़ में शामिल होने से पहले से ही अजीब व्यवहार कर रहे थे।
झारखंड पुलिस भर्ती दौड़
झारखंड पुलिस भर्ती दौड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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रांची: झारखंड के अलग-अलग जिलों में आयोजित आबकारी कांस्टेबल भर्ती शरीरिक परीक्षा में 11 बच्चों की मौत पर बवाल मचा है। इसी बीच इस मामले पर सफाई देते हुए पुलिस अधिकारियों ने उम्मीदवारों के एनर्जी ड्रिंक पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि दौड़ से पहले उम्मीदवार कुछ अलग व्यवहार कर रहे थे। उन्होंंने कहा कि हो सकता है कि एनर्जी ड्रिंक या कि सी तरह की दवा के कारण उनकी मौत हो गई हो।

इस मामले पर डॉक्टर्स का कहना है कि अगर किसी भी इंसान को दौड़ने की प्रैक्टिस ना हो और वो अचानक दौड़ने लगे तो कुछ भी हो सकता है। हालांकि ऑन ड्यूटी डॉक्टर का कहना है कि एकदम से दौड़ने की वजह से शरीर में प्रेशर के साथ ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है। वैसे में अगर स्टीरॉयड या एनर्जी ड्रिंक काफी खतरनाक साबित हो सकता है।

उम्मीदवारों के व्यवहार पर सवाल

आबकारी कांस्टेबल भर्ती शरीरिक परीक्षा में ऑन ड्यूटी IPS अधिकारी मुकेश कुमार का कहना है कि बच्चों को धैर्य की जरूरत है। उन्होंने इस घटना का जिम्मेदार अप्रत्यक्ष रूप से उम्मीदवारों को ही बताया है। उनका कहना था कि कुछ छात्र दौड़ में शामिल होने से पहले से ही अजीब व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी तरह की दवा या एनर्जी ड्रिंक की वजह से दौड़ रहे उम्मीदवारों की मौत संभव है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जाची की जा रही है, ऐसे में कुछ भी जल्दबाजी में कहना गलत होगा।

बीजेपी ने बोला हमला

इस मामले में बीजेपी ने झारखंड सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी परीक्षा की तैयारी सही ढंग से नहीं की गई थी। जिसकी वजह से इन बच्चों की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन केंद्रों पर दौड़ हो रहा था उनपर ना पानी और ना ही मेडिकल की व्यवस्था थी। साथ ही यह भी आरोप है कि एक सेंटर पर जरुरत से ज्यादा बच्चों को दौड़ाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि परीक्षा की जानकारी भी बच्चों को दो हफ्ते पहले दिया गया। जिसकी वजह से वो सही तरीके प्रैक्टिस नहीं कर पाएं। उन्होंने हेमंत सरकार पर नौकरी नहीं मौत बांटने का आरोप लगाया था।

इन केंद्रों में हुई मौत 

बता दें कि  22 अगस्त से झांरखंड के रांची, गिरिहीड, हजारीबाग, पलामू, पूर्वी सिंहभूम और साहेबगंज जिलों के सात केंद्रों पर फिजिकल टेस्ट लिए गए। इस दौरान 11 उम्मीदवारों की मौत हो गई। IG ऑपरेशन अमोल वी होमकर ने उम्मीदवारों की जानकारी देते हुए बताया था कि गिरिडीह के 2 और हजारीबाग में दो, पलामू में 4 अभ्यार्थियों की मौत हुई है। वहीं पूर्वी सिंहभूम, साहेबगंज और रांची में बी क्रमश: एक-एक उम्मीदवारों की मौत हो गई।

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