गांदरबल आतंकी हमले के घायलों से मिले एलजी मनोज सिन्हा, एपीसीओ इंफ्राटेक ने किया मुआवजे का ऐलान
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में हुए आतंकी हमले में घायलों का हालचाल लेने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घायलों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
- Written By: Saurabh Pal
मनोज सिन्हा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार देर शाम हुए आतंकी हमले में 7 लोगों की मौत गई। इसके अलावा कई लोग घायल हैं। सभी घायलों श्रीनगर के SKIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने अस्पताल पहुंच कर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए लिखा कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हुए आतंकी हमले में घायलों का अस्पताल पहुंच कर हाल चाल लिया। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है।
गौरतलब है इस हमले की जिम्मेदारी TRF नामक आतंकी संगठन ने ली है। यह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय एक आतंकी संगठन है। वहीं इस हमले की निंदा राहुल गांधी, अमित शाह और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सहित तमाम नेताओं ने की है। सभी ने एक स्वर में इस हमले को कायराना करार दिया है।
आतंकी हमले के पीड़ितों को आर्थिक सहायता का निर्देश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को हुए आंतकी हमले में घायलों व मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी को निर्देश दिया है। वहीं एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी के अधिकारियों ने सिन्हा को आर्थिक सहायता को लेकर बताया कि एसआरई के तहत, प्रत्येक शहीद नागरिकों के परिजनों को 6 लाख रुपये और एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी द्वारा तत्काल उपाय के रूप में 15 लाख रुपये दिए जाएंगे।
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घायलों को 2 लाख आर्थिक मुआवजा
इसके अलावा सभी घायलों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। कंपनी कॉर्पोरेट व्यक्तिगत दुर्घटना नीति के तहत रोल पर नागरिकों के परिवारों को वित्तीय सहायता और बीमा से मुआवजे के रूप में उनके सकल सीटीसी के 5 साल भी प्रदान करेगी। सभी पीआरडब्ल्यू श्रमिक और तीसरे पक्ष के कर्मचारी कर्मचारी मुआवजा नीति के तहत आते हैं।
एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी हरसंभव मदद करेगीः उपराज्यपाल
उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार और एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी मृतक के परिजनों को हर संभव वित्तीय सहायता और अन्य सहायता प्रदान करेगी। साथ ही सिन्हा ने कहा कि “हालांकि यह एक अपूरणीय क्षति है और इसकी भरपाई आर्थिक रूप से नहीं की जा सकती, लेकिन हम शहीद नागरिकों के परिवारों के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।”
पिता चाहते थे डॉक्टर बने बेटा
रविवार को गांदरबल जिले के गगनगीर में एक निर्माण स्थल पर आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक डॉक्टर, एक डिजाइनर और पांच निर्माण श्रमिकों की मौत हो गई थी। गगनगीर आतंकी हमले में मारे गए सात लोगों में से एक डॉ. शाहनवाज डार के बेटे ने सोमवार को अपने पिता की मौत पर दुख व्यक्त किया और कहा कि उनके पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन उनकी मौत ने उनके सपने को चकनाचूर कर दिया है।
