Kashmir Cloudburst: अनंतनाग में बादल फटने से बाढ़, पहलगाम के होटल और घर पानी में डूबे

Kashmir Cloudburst Flood Situation: अनंतनाग में 60 मिनट में दो बार बादल फटने से पहलगाम और शांगस में बाढ़ जैसे हालात बन गए। होटल, घर और खेतों में पानी घुसा, प्रशासन ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
kashmir anantnag cloudburst pahalgam flood heavy rain alert rescue operation news
अनंतनाग में बादल फटने से बाढ़ (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Anantnag Cloudburst Latest News: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में बादल फटने की दो घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महज 60 मिनट के भीतर दो बार बादल फटने से पहलगाम और शांगस इलाके में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज बहाव के साथ आए पानी और मलबे ने कई इलाकों को प्रभावित किया, जिससे होटल, घर और खेतों में पानी भर गया। हालांकि, अब तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

 बाढ़ से होटलों और घरों में घुसा पानी

अनंतनाग में बादल फटने के बाद पहलगाम इलाके में हालात तेजी से बिगड़ गए। अचानक आए पानी के सैलाब ने रिहायशी इलाकों और पर्यटन स्थलों को प्रभावित किया। कई होटलों और घरों में पानी घुस गया, जबकि जगह-जगह मलबा जमा हो गया।

पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। राहत की बात यह रही कि प्रशासन की सक्रियता से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। कई जगहों पर फंसे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

60 मिनट में दो बार हुई बादल फटने की घटना

अनंतनाग जिले में बादल फटने की पहली घटना शांगस के चटरगुल क्षेत्र के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में हुई। इसके बाद आरिपथ नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पहाड़ों से आया पानी अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़, पत्थर और पेड़ों का मलबा लेकर नीचे पहुंचा। इस तेज बहाव का असर आसपास के खेतों और सेब के बागों पर भी पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका पानी और मलबे से भर गया, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।

इसके बाद पहलगाम के ओवेरा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी क्षेत्र में दूसरी बार बादल फटने की घटना हुई। इससे ओवेरा नाले में बाढ़ आ गई और आसपास के कई होटल, रिसॉर्ट और घर प्रभावित हुए।

पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

अचानक आई बाढ़ के बाद पहलगाम में मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। प्रशासन और राहत टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। ओवेरा नाले के आसपास फंसे पर्यटकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। साथ ही भूस्खलन के कारण जमा हुए मलबे को हटाने का काम भी जारी है। अनंतनाग में कुछ इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

बादल फटने की घटनाओं के बाद अनंतनाग जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से आरिपथ और ओवेरा नाले समेत सभी जल स्रोतों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

मौसम विभाग ने भी अगले 24 घंटों के दौरान कश्मीर में तेज बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

नुकसान का आकलन जारी

बादल फटने से अनंतनाग के कई हिस्सों में खेती और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल राहत टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने और नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाना और किसी भी आपात स्थिति से निपटना है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com