वहां जुल्म हो रहा है, कई लोग शहीद हो गए... POK में हिंसा पर भड़के फारूक अब्दुल्ला, UN से की ये बड़ी मांग

POK Protest: POK में जारी हिंसा पर फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील की है।
Atrocities are taking place there, and many people have been martyred... Farooq Abdullah lashes out over violence in PoK, makes a major demand of the UN.
फारूक अब्दुल्ला (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Farooq Abdullah On POK Violence: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हो रही हिंसा और प्रदर्शनों पर जोरदार हमला बोला है। POK में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों पर चिंता जताते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वहां की स्थिति बेहद गंभीर है और पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदायों से मानवाधिकारों की स्थिति पर भी ध्यान देने की मांग की।

कठिन दौर से गुजर रहा POK: अब्दुल्ला

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में हिंसक झड़पों की खबरों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कठिन स्थिति में है। जो हिस्सा पाकिस्तान के पास है, वहां आज जुल्म हो रहा है। वहां कई लोग शहीद हो चुके हैं। वहां क्या हो रहा है, इसकी पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं है।

मैं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति से अपील करूंगा कि वह वहां का दौरा करें और खुद देखें कि लोगों को किस तरह की कठिनाइयों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

'वहां की स्थिति ठीक नहीं'

राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा कि यहां स्थिति स्थिर नहीं है। यहां तब स्थिर होगी जब उन्हें यह एहसास होगा कि हम इंसान हैं और हमने भारत के साथ किन शर्तों पर जुड़ने का फैसला किया था। उन शर्तों की समीक्षा होनी चाहिए और हमारा सम्मान बहाल किया जाना चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला ने वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ज्यादातर शक्तियां महामहिम के पास हैं, जबकि ये शक्तियां दिल्ली से नामित व्यक्ति के पास नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहां लोगों ने एक सरकार चुनी है, इसलिए उन्हें अपनी शक्तियां मिलनी चाहिए।

'नेहरू का कार्यकाल सबसे लंबा'

प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के सबसे ज्यादा दिनों तक पद पर रहने के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, नहीं, नेहरू 17 साल तक इस पद पर रहे थे, जबकि वे अभी सिर्फ 12 साल से ही इस पद पर हैं।

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