FIR है, तो इसकी जानकारी देनी होगी... मीनाक्षी नटराजन विवाद में कूदे ओवैसी, सिंघवी के दावों पर कही बड़ी बात

Meenakshi Natrajan Nomination: MP में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर ओवैसी की भी एंट्री हो गई है। नियमों का हवाला देकर ओवैसी ने कही बड़ी बात।
If there is an FIR, the information must be disclosed... Owaisi wades into the Meenakshi Natarajan controversy, makes a significant statement regarding Singhvi's claims.
असदुद्दीन ओवैसी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Asaduddin Owaisi On Congress: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनावों के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग और भाजपा पर हमलावर है। कांग्रेस यह मामला लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी गई। कांग्रेस द्वारा इसके विरोध में प्रदर्शन भी किए गए।

अब इस मुद्दे पर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया सामने आई है। ओवैसी का कहना है कि चुनाव आयोग के नॉमिनेशन फॉर्म के बारे में नियम है कि अगर आपके खिलाफ कोई FIR है, तो आपको इसकी जानकारी देनी होगी।

ओवैसी ने की टिप्पणी

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नॉमिनेशन रद्द होने पर AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, चुनाव आयोग के नॉमिनेशन फॉर्म के बारे में नियम है कि अगर आपके खिलाफ कोई FIR है, तो आपको इसकी जानकारी देनी होगी। अब, उनका कहना है कि कोई FIR नहीं है। इस मामले में चुनाव आयोग से बात करनी होगी। राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उनके खिलाफ कोई FIR नहीं थी। यह सिर्फ एक प्राइवेट शिकायत थी।

यह सिर्फ एक प्राइवेट शिकायत: अभिषेक मनु सिंघवी

अभिषेक मनु सिंघवी के दावों पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर FIR नहीं है, तो क्या कार्रवाई हो सकती है? BNSS से पहले, अगर आप कोर्ट में शिकायत करते थे, तो कोर्ट उसे रेफर करके FIR दर्ज करने का आदेश देता था। अब ऐसा नहीं है।

अभिषेक मनु सिंघवी का जो बयान मैंने सुना और अखबारों में पढ़ा, उसके मुताबिक उनका कहना है कि उनके खिलाफ कोई FIR नहीं है। सिर्फ एक प्राइवेट शिकायत थी और उन्हें कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया था। मुझे पूरी सच्चाई नहीं पता।

'सुप्रीम कोर्ट से आखिरी उम्मीद'

राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस के सभी 62 विधायकों के साथ हमने राष्ट्रपति से समय मांगा है। अगर राष्ट्रपति समय देंगे तो हम जरूर जाएंगे। अगर राष्ट्रपति समय नहीं देंगे तो अगला निर्णय आपको बताया जाएगा। वहीं, कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, आखिरी उम्मीद सुप्रीम कोर्ट से ही है। न्यायालय से ही हमें उम्मीद है और पूरा विश्वास है। न्यायालय कोई भी फैसला कर सकती है, हमें पूरा विश्वास है।

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