गुलाम अहमद मीर का दावा : राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लोग बड़ी संख्या में कर रहे हैं मतदान

कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर का दावा है कि यहां का मतदान दिल्ली की सरकार बदलने का संदेश देगा। इसीलिए बुधवार को जम्मू कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा और अपने अधिकारों की बहाली के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने के वास्ते घरों से बाहर निकल रहे हैं।
जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लोग बड़ी संख्या में कर रहे हैं मतदान : कांग्रेस नेता मीर
गुलाम अहमद मीर, कांग्रेस महासचिव (सौ. से सोशल मीडिया)
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अनंतनाग : जम्मू कश्मीर में विधानसभा के लिए हो रहे पहले चरण के मतदान के लिए लोगों में जोश दिख रहा है। इस दौरान कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर ने कहा कि राज्य के लोग राज्य का दर्जा और अपने अधिकारों की बहाली के लिए मतदान कर रहे हैं। लोग वोट की ताकत के जरिए जम्मू कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा बहाल करने और अपनी भूमि व नौकरियों की रक्षा करने की मांग करेंगे।

कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर ने बुधवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा और अपने अधिकारों की बहाली के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने के वास्ते घरों से बाहर निकलेंगे। दक्षिण कश्मीर जिले में डूरू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे मीर ने कहा कि मतदान के पीछे मंशा जम्मू-कश्मीर में ‘‘दिल्ली का शासन'' बदलना है।

मीर ने मतदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘मैंने पिछले 10 साल से जम्मू कश्मीर के लोगों पर दिल्ली के शासन को बदलने के इरादे से अपना वोट डाला है। आज का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि जम्मू कश्मीर समृद्ध हो और लोगों के जीवन में खुशहाली आए।''

गुलाम अहमद मीर ने कहा कि वोट की ताकत के जरिए जम्मू कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा बहाल करने और अपनी भूमि व नौकरियों की रक्षा करने की मांग करेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘लोग अपनी जमीन और नौकरी के अधिकारों की बहाली के साथ-साथ राज्य के दर्जे की बहाली के लिए मतदान कर रहे हैं और मुझे लगता है कि लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए घरों से बाहर निकलेंगे।''

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार सुबह सात बजे मतदान प्रारंभ हो गया। अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद पहली बार केंद्र शासित प्रदेश के सात जिलों की 24 सीट पर पहले चरण में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हो रहा है। पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किये जाने के बाद यह जम्मू-कश्मीर में पहला विधानसभा चुनाव है।

--एजेंसी इनपुट के साथ

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