संसद के मानसून सत्र में गूंजेगा नीट परीक्षा में धांधली का मुद्दा, कांग्रेस ने किया ऐलान

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का पीएम मोदी पर वॉर, कहा- मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा और हमारे प्रधानमंत्री देश-विदेश की यात्रा कर रहे हैं
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
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नई दिल्लीः कांग्रेस ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नीट यूजी परीक्षा 2024 में कथित धांधली को लेकर केंद्र सरकार पर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया और कहा कि 24 जून से आरंभ हो रहे संसद के सत्र के दौरान इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा।

मुख्य विपक्षी ने यह कहा कि कांग्रेस इस मामले में सीबीआई जांच चाहती है, लेकिन अगर सरकार इसके लिए तैयार नहीं है तो फिर उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच होनी चाहिए। कांग्रेस इस मामले में लगातार यह मांग कर रही है। कांग्रेस ने एनटीए के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को उनके पद से हटाने की भी मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में ‘पैसे दो, पेपर लो' का खेल खेला जा रहा है।

खरगे ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि "नीट परीक्षा में केवल कृपांक (ग्रेस मार्क) की समस्या नहीं थी। धांधली हुई है, पेपर भी लीक हुए हैं, भ्रष्टाचार हुआ है। नीट परीक्षा में बैठे 24 लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य मोदी सरकार के कारनामों से दांव पर लग गया है।'' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नीट घोटाले में कांग्रेस पार्टी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक निष्पक्ष जांच की मांग करती है।

पीएम मोदी को बनाया निशाना

खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्ष में मोदी सरकार ने पेपर लीक और धांधली से करोड़ों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सवाल किया कि पहले सैकड़ों छात्रों को कृपांक क्यों दिए गए? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा में हुए घोटाले से बचने की पूरी कोशिश कर रही है। जयराम रमेश का कहना था कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय को आश्वासन दिया है कि 1563 छात्रों को दिए गए कृपांक रद्द कर दिए जाएंगे। लेकिन सवाल उठता है कि पहले कृपांक दिए ही क्यों गए?

कृपांक देना गलत : जयराम रमेश

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह प्रतीत होता है कि पेपर में भौतिकी का एक प्रश्न था जिसमें चार विकल्प दिए गए थे। एनसीईआरटी की कक्षा 12वीं की नई पाठ्यपुस्तक के अनुसार, चार में से एक विकल्प सही था। लेकिन पुरानी पाठ्यपुस्तक के आधार पर दूसरे विकल्प को भी सही माना जा सकता है। जिन छात्रों ने दूसरे वाले विकल्प पर टिक लगाया और उनके अलावा जिन छात्रों का पेपर वितरण में देरी आदि के कारण समय बर्बाद हुआ, उन्हें कृपांक दिए गए।''

चर्चा से भाग रहे धर्मेंद्र प्रधान

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले पर चर्चा से भाग रहे हैं। गोगोई ने कहा कि जिस एनटीए के नेतृत्व में यह पूरा घोटाला हुआ, आप उसी एजेंसी से मामले में जांच करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र और कोचिंग सेंटर का एक गठजोड़ बन चुका है, जिसने आज हमारे मध्यम-गरीब वर्ग को हिला कर रख दिया है। 'पैसे दो-पेपर लो' जैसी सांठगांठ की जांच एनटीए कैसे कर पाएगा? सांसद ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में सीबीआई जांच चाहती है। यदि केंद्र की मोदी सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार नहीं है तो हम उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग करते हैं।

गौरव गोगोई ने दावा किया कि हमने अलग-अलग रिकॉर्डिंग सुनी है कि कैसे लाखों रुपये मांगे जा रहे हैं। एक ही सेंटर में बच्चों को एक जैसे नंबर मिल रहे हैं। सरकार इस मुद्दे से भाग रही है। लेकिन देश के मुद्दों को उठाना विपक्ष का कर्तव्य है और हम सदन के अंदर अपने 24 लाख छात्रों की आवाज जोर-शोर से उठाएंगे।

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