मिजोरम में ZPM का परचम; MNF के वोट शेयर में गिरावट, 16 सीटों का नुकसान

Lalduhoma and Zoramthanga
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आइजोल. मिजोरम में संपन्न विधानसभा चुनाव (Mizoram Assembly Election) में सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के मत प्रतिशत में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई है और पार्टी को 2018 में हुए पिछले चुनाव की तुलना में 16 सीटों का नुकसान हुआ। निर्वाचन आयोग की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

आयोग के अनुसार पिछले चुनाव में एमएनएफ को 37.7 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि इस बार 35.1 प्रतिशत वोट हासिल हुए। एमएनएफ को सोमवार को संपन्न मतगणना में हार का सामना करना पड़ा है और उसे केवल 10 सीटों पर जीत मिली है। पिछले चुनाव में उसे 26 सीटों पर जीत मिली थी।

बता दें कि मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए सात नवंबर को मतदान हुआ था। राज्य में कुल 8,57,063 मतदाता हैं, जिनमें से 82 प्रतिशत ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) को चुनाव में 37.86 प्रतिशत वोट जबकि 27 सीटों पर जीत मिली।

निवर्तमान विधानसभा में आठ विधायकों के साथ जेडपीएम मुख्य विपक्षी दल था। जेडपीएम का गठन 2017 में हुआ था, लेकिन इसे 2019 में निर्वाचन आयोग से मान्यता मिली थी। इसलिए, जेडपीएम ने पहली बार पार्टी के रूप में चुनाव लड़ा। 2018 में पार्टी के उम्मीदवारों ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को हुआ है, जिसे पांच साल पहले 29.98 फीसदी वोट मिले थे, लेकिन इस बार यह घटकर 20.82 फीसदी रह गया। 2018 में पार्टी को पांच सीटों पर जीत मिली थी जबकि इस बार केवल एक सीट पर जीत हासिल हुई।

भाजपा को 2018 के चुनाव में एक सीट पर जीत मिली थी जबकि इस बार दो सीटों पर जीत हासिल हुई। हालांकि इस बार पार्टी के मत प्रतिशत में गिरावट आई है। 2018 में पार्टी को 8.09 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि इस बार 5.06 प्रतिशत वोट हासिल हुए। आम आदमी पार्टी (आप) ने पहली बार मिजोरम में चुनाव लड़ा और कोई भी सीट जीतने में असफल रही। उसे 615 वोट मिले, जो कुल डाले गए मतों का 0.09 प्रतिशत है। 

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