टिकाऊ भविष्य के लिए युवाओं को कौशल से लैस करना जरूरी, जानिए विश्व युवा कौशल दिवस पर खास
आज कल की शिक्षा में केवल थ्योरी को ही स्थान दिया जाता है लेकिन जब युवा शिक्षा पूरी करके लिए नौकरी का प्रयास करता है तो उसे स्किल और तकनीकों का ज्ञान नहीं होने का हवाला देते हुए नौकरी नहीं दी जाती है। बेरोजगारी हमारे देश के लिए इसका प्रमाण है कि, युवा पढ़ तो लेते है लेकिन अनस्किल्ड करार दिए जाते है।
- Written By: दीपिका पाल
विश्व युवा कौशल दिवस 2024 (सौ.सोशल मीडिया)
दुनिया की आबादी तेजी से लगातार बढ़ती जा रही है जिसमें भारत का आबादी सबसे युवा बहुल आबादी वाले देश में गिनी जाती है यहां पर युवाओं की संख्या जितनी है जो देश के निर्माण के लिए सहायक है। आज दुनियाभर में विश्व युवा कौशल विकास दिवस मनाया जा रहा है जिसका उद्देश्य युवाओं पर केंद्रित है यानि कि उनकों कई कौशल और तकनीकों से लैस करना।
आज कल की शिक्षा में केवल थ्योरी को ही स्थान दिया जाता है लेकिन जब युवा शिक्षा पूरी करके लिए नौकरी का प्रयास करता है तो उसे स्किल और तकनीकों का ज्ञान नहीं होने का हवाला देते हुए नौकरी नहीं दी जाती है। बेरोजगारी हमारे देश के लिए इसका प्रमाण है कि, युवा पढ़ तो लेते है लेकिन अनस्किल्ड करार दिए जाते है।
क्यों नहीं आ रहे रोजगार के अवसर
दुनिया की वर्तमान आबादी जहां पर 811.90 करोड़ है तो वहीं पर आने वाले 25 सालों बाद तक इसके 969.99 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं पर युवा बहुल आबादी वाले देश भारत की वर्तमान आबादी की बात की जाए तो, 144.17 करोड़ है. 2050 तक 200 करोड़ होने का अनुमान है। आकंड़े भले ही आबादी में बढ़ रहे है लेकिन रोजगार के अवसर कृषि , उद्योग और तकनीक में आज भी कमतर ही पैदा हो रहे है।
सम्बंधित ख़बरें
31 अक्टूबर तक का मौका: अनधिकृत निर्माणों और लेआउट को नियमित कराने के लिए मनपा ने जारी किया नया परिपत्र
छत्रपति संभाजीनगर में बाइक चोरों का आतंक: अलग-अलग इलाकों से 7 मोटरसाइकिलें पार, जांच में जुटी पुलिस
Shirdi News: शिर्डी में साईं बाबा को चढ़ा 1 करोड़ का स्वर्ण मुकुट, गुरु पूर्णिमा पर भक्त की अनूठी गुरु दक्षिणा
राज्यसभा में पास हुआ वंदे मातरम बिल, अपमान करने पर मिलेगी 3 साल की सजा
अगर हमारा देश ने युवा आबादी को रोजगार में सबसे बड़ा फैक्टर माना है तो युवाओं के लिए उचित रोजगार के अवसर पैदा करना भी सरकार का लक्ष्य होना चाहिए। आज देश में शिक्षा के कई बड़े संस्थान है लेकिन देश को क्यों कौशल विकास केंद्र खोलने की आवश्यता हो रही है क्या हमारी शिक्षा नहीं है कौशल विकसित। हमें प्रयास करने चाहिए कि, कोई भी शिक्षा, रोजगार पूरक होनी चाहिए।
15 जुलाई को मनाया जाता है यह दिवस
आपको बताते चलें, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए दुनियाभर में विश्व कौशल दिवस मनाया जाता है जिसे मनाने का फैसला 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने किया था। इसे मनाने का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, सभ्य कार्य और उद्यमिता के लिए कौशल से लैस करने के रणनीतिक महत्व का जश्न मनाने से था।
इस साल इस खास दिवस विश्व युवा कौशल दिवस 2024 के लिए थीम, ‘शांति और विकास के लिए युवा कौशल’, शांति निर्माण और संघर्ष समाधान में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। इसे आधार मानें तो, वैश्विक नागरिकों का पोषण करने और सभी के लिए अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और टिकाऊ भविष्य बनाने के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को आवश्यक कौशल से लैस करना काफी जरूरी है।
सरकार को इन पहलूओं को समझना जरूरी
सरकार अगर देश निर्माण का आधार युवा को मानती है तो उसे चाहिए कि, वे इन पहलूओं को अच्छी तरह समझे..
- युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार रुझान की रिपोर्ट के अनुसार युवाओं की रोजगार संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले 15 वर्षों में 600 मिलियन नौकरियां पैदा करनी होंगी।
- आंकडो़ं की मानें तो, जहां पर 2021 में वैश्विक स्तर पर लगभग 75 मिलियन युवा बेरोजगार थे वहीं पर 408 मिलियन रोजगार में थे और 732 मिलियन श्रम शक्ति से बाहर चल रहे थे।
- 2020 में रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण (NEET) में शामिल न होने वाले युवाओं की हिस्सेदारी, नवीनतम वर्ष जिसके लिए वैश्विक अनुमान उपलब्ध है वहीं पर यह बढ़कर 23.3 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष से 1.5 प्रतिशत अंकों की वृद्धि है और कम से कम 15 वर्षों में ऐसा स्तर नहीं देखा गया है।
- 2021 और 2030 के बीच युवा आबादी 78 मिलियन से ज्यादा बढ़ जाएगी तो वहीं पर कम आय वाले देशों में इस वृद्धि का लगभग आधा हिस्सा होगा, शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणालियों को इस चुनौती का जवाब देने की जरूरत है।
