उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, एनडीए ने राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार, विपक्ष की बैठक आज

India alliance meeting: देश में उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां एनडीए ने सी. पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया तो वहीं विपक्ष ने भी आज बैठक बुलाई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो: सोशल मीडिया
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Vice Presidential Election: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने भी सक्रियता दिखाते हुए आज राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में एक खास बैठक बुलाई गई है जिसमें संयुक्त उम्मीदवार पर चर्चा की जाएगी।

भाजपा ने तमिलनाडु से आने वाले वरिष्ठ नेता राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाकर दक्षिण भारत में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। पार्टी को उम्मीद है कि राधाकृष्णन जैसे संतुलित चेहरे के सहारे उसे विपक्ष के कुछ दलों, खासकर डीएमके जैसे दक्षिणी दलों से भी समर्थन मिल सकता है। साथ ही, 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भी यह एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। अब देखना ये है कि विपक्ष किस तरह से इसमें संतुलन बनाता है।

राजनाथ सिंह ने खरगे से मांगा समर्थन!

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे से संपर्क कर राधाकृष्णन को समर्थन देने का अनुरोध किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी यह साफ किया है कि एनडीए विपक्ष से बातचीत कर आम सहमति बनाने की दिशा में प्रयास करेगा।

क्या होगी विपक्ष की रणनीति?

एनडीए द्वारा उम्मीदवार की घोषणा के बाद विपक्ष के सामने अब एकजुट होकर प्रतिक्रिया देने की चुनौती है। 'इंडिया' गठबंधन के नेता आज सुबह 10:15 बजे मल्लिकार्जुन खरगे के दफ्तर में बैठक करेंगे, जिसमें उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संभावित संयुक्त उम्मीदवार के नाम पर विचार किया जाएगा। अभी तक विपक्ष की ओर से किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है।

9 सितंबर को होगा चुनाव

उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना 7 अगस्त को जारी की गई थी और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। चुनाव 9 सितंबर को होगा। उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित तथा मनोनीत सदस्यों द्वारा किया जाता है।

आपको बता दें कि निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है जिसमें सत्तारूढ़ पार्टी को तकरीबन 422 सदस्यों के समर्थन के साथ बढ़त हासिल है। अब उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता क्योंकि इसमें गुप्त मतदान होता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्ष कोई मजबूत उम्मीदवार सामने लाता है या फिर राधाकृष्णन को सर्वसम्मति से चुना जाएगा। चुनावी गणित और राजनीतिक समीकरण अगले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएंगे।

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