

VHP Garba Rules: नवरात्रि का पर्व आते ही गरबे की धूम देश के अलग-अलग शहरों में जोरों से शुरू हो गई है, लेकिन इस साल विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गरबा आयोजनों को लेकर कुछ ऐसे नियम जारी किए हैं, जिसने एक नई बहस छेड़ दी है। VHP ने स्पष्ट किया है कि गरबा पंडालों में अब सिर्फ हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए एंट्री गेट पर आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा, साथ ही पुरुषों के माथे पर तिलक लगाया जाएगा। संगठन का कहना है कि ये कदम 'लव जिहाद' जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए हैं।
VHP के अनुसार, गरबा केवल नाच-गाना या मनोरंजन नहीं, बल्कि यह मां भगवती की पूजा और आराधना का एक पवित्र तरीका है। संगठन ने गरबा आयोजकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कई कड़े निर्देश दिए गए हैं। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा, "जिनकी मूर्ति पूजा में आस्था नहीं है, उन्हें ऐसे पवित्र आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए।" एडवाइजरी के मुताबिक, आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रवेश करने वाला हर व्यक्ति पहले देवी की तस्वीर के सामने सिर झुकाए और पूजा करे।
मामला सिर्फ तिलक और आधार कार्ड तक ही सीमित नहीं है। नागपुर में VHP के विदर्भ प्रांत के जनरल सेक्रेटरी प्रशांत तितरे ने एक और नियम जोड़ते हुए कहा कि गरबा में आने वाले लोगों पर शुद्धि के लिए गोमूत्र का छिड़काव किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि इन सभी नियमों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित करने के लिए VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता गरबा पंडालों में मौजूद रहेंगे और पूरी निगरानी करेंगे। उनका कहना है कि वे किसी भी कीमत पर गरबा की पवित्रता भंग नहीं होने देंगे। भोपाल में भी गरबा में कलावा से छलावा को लेकर कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और कहा कि गरबे में जिहादियों का आना मना है। साथ ही एमपी के रतलाम में भी मुस्लिम समाज से काजी ने गरबा में न जाने की अपील की।
VHP के विदर्भ प्रांत संयोजक नवीन जैन ने पत्रकारों से बात करते हुए इन नियमों के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ सालों में यह देखा गया है कि गरबा आयोजन 'लव जिहाद' का जरिया बन रहे हैं, जहां हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया जाता है। कुछ लोग एक खास मानसिकता के साथ इन आयोजनों में आते हैं, जिससे हमारी बहनों के लिए मुश्किलें खड़ी होती हैं और हमारी आस्था को ठेस पहुंचती है।" उन्होंने यह भी मांग की कि गरबा स्थलों पर किसी भी तरह के नशे और धूम्रपान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।