NEET के बाद UGC-NET पेपर लीक का दावा, 2.5 लाख में बिके प्रश्नपत्र, 90 सवाल मिले हूबहू

Paper Leak Row: UGC-NET 2026 की सोशियोलॉजी परीक्षा को लेकर नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर परीक्षा से पहले वायरल हुई PDF के कई सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाने का दावा किया जा रहा है।
UGC NET Paper Leak Controversy Question papers sold for 2.5 lakh
NEET के बाद UGC-NET पेपर लीक का दावा (सोर्स- AI)
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UGC NET Paper Leak Row: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों में है। NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद अब 30 जून 2026 को आयोजित UGC-NET सोशियोलॉजी परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक PDF को लेकर दावा किया जा रहा है कि उसमें शामिल कई सवाल वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।

वायरल PDF पर उठे सवाल

अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा से पहले करीब 100 पन्नों की एक PDF सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई थी। दावा किया गया कि यह केवल अध्ययन सामग्री नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़ा दस्तावेज था। परीक्षा के बाद छात्रों ने आरोप लगाया कि PDF में दिए गए लगभग 90 प्रश्न और उनके विकल्प वास्तविक प्रश्नपत्र से काफी हद तक मिलते-जुलते थे।

कुछ अभ्यर्थियों का यह भी दावा है कि PDF के मेटाडेटा से संकेत मिलता है कि यह दस्तावेज परीक्षा शुरू होने से पहले उपलब्ध था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

2.25 लाख रुपये में पेपर बेचने का आरोप

सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ छात्र संगठनों के दावों के अनुसार, कथित प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित कई राज्यों में करीब 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था। यह भी आरोप लगाया गया कि इसी नेटवर्क ने अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया था। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राहुल गांधी ने सरकार और NTA पर साधा निशाना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और NTA पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से जुड़ा दस्तावेज सामने आया है और उसके सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कथित प्रश्नपत्र कई राज्यों में लाखों रुपये में बेचा जा रहा था और लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों के बावजूद छात्रों को न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए NTA से पूरे मामले की जांच करने और तथ्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

फिलहाल NTA या शिक्षा मंत्रालय की ओर से पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल PDF और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच संबंध है या नहीं।

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