'महाराष्ट्र में भ्रष्ट शासन की वजह से सरकारी अस्पतालों में अपनी जान गंवा रहे लोग', उद्धव ठाकरे का शिंदे सरकार पर हमला

उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे
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मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की मौत को लेकर एकनाथ शिंदे नीत सरकार (Shinde Government) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्ट शासन की वजह से लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।  उन्होंने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार पैर पसार रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास विज्ञापनों पर खर्च करने के लिए तो पैसा है लेकिन लोगों की जान बचाने के लिए धन नहीं है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर बिना निविदा प्रक्रिया के दवाएं खरीदने का आरोप लगाया और मामले में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की। ठाकरे ने आरोप लगाया, ‘‘अगर यह (बिना निविदा दवा की खरीद) सब हो रहा है तो आप भ्रष्टाचार के रास्ते खोल रहे हैं। उनके भ्रष्ट शासन की वजह से लोग अपनी जान गंवा रहे हैं''। उन्होंने पूछा, ''जहां-जहां दवाएं नहीं पहुंची हैं, वहां सीबीआई जांच होनी चाहिए...या फिर वहां कोई मध्यस्थ इसमें शामिल हैं?''

नांदेड़ स्थित डॉ.शंकर राव चव्हाण राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 30 सितंबर से दो अक्टूबर के बीच 48 घंटों में नवजातों सहित 31 मरीजों और छत्रपति संभाजीनगर के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल में दो और तीन अक्टूबर के बीच 18 मरीजों की मौत दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान जब वह मुख्यमंत्री थे तो राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली ने बड़ी कुशलता के साथ महामारी का सामना किया था। ठाकरे ने पूछा, ''कोरोना वायरस के दौरान कुशलता के साथ काम करने वाला तंत्र कैसे असमर्थ हो गया?''

ठाकरे के मुताबिक, स्वास्थ्य योद्धाओं को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नांदेड़ में सरकारी अस्पताल के कार्यकारी डीन एस.आर. वाकोडे पर अस्पताल में हाल ही में एक महिला व उसके बच्चे की मौत के लिए गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि इस तरह की कार्रवाई नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और ठाणे के कलवा के सरकारी अस्पतालों के डीन के खिलाफ क्यों नहीं की गई, जहां पिछले महीने 24 घंटों में 18 मौतें दर्ज की गई थीं।

महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को बम्बई उच्च न्यायालय को बताया कि नांदेड़ और छत्रपति संभाजीनगर के सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों से अत्यधिक गंभीर अवस्था में आने वाले मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिसपर अदालत ने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती है। इस पर टिप्पणी करते हुए ठाकरे ने कहा कि अदालत को सरकार को सबक सिखाना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकारी अस्पतालों के डीन से बात करने और दवाओं की उपलब्धता पर हालात का जायजा लेने का भी आग्रह किया। (एजेंसी)

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