राज्यसभा से भी पास हुआ ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026, खरगे को बोलने का मौका न मिलने पर विपक्ष ने किया वॉकआउट

Parliament Monsoon Session 2026: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 राज्यसभा से पारित हो गया है। मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।
Parliament Monsoon Session 2026
संसद सत्रफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
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Tribunals Reforms Bill 2026 Passed: संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 राज्यसभा से भी पास हो गया। इस विधेयक में विभिन्न राष्ट्रीय न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल) में नियुक्तियों की निगरानी के लिए एक पैनल गठित करने का प्रावधान है। इसके पहले लोकसभा में सोमवार को इस विधेयक को मंजूरी मिली थी।

दोपहर बाद सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान INDIA गठबंधन के सभी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। सभापति की तरफ से कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद विपक्ष ने यह कदम उठाया।

2016 में हुई ट्रिब्यूनल प्रक्रिया की शुरूआत

सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने में ट्रिब्यूनल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2016 में ट्रिब्यूनल के युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरूआत की गई थी। इसके बाद साल 2021 में ट्रिब्यूनल सुधार अधिनियम लाया गया था।

क्या है ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल?

मानसून सत्र में राज्यसभा में मंगलवार को ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026 पारित हो गया। इस विधेयक में विभिन्न राष्ट्रीय न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल) में नियुक्तियों की निगरानी के लिए एक पैनल गठित करने का प्रावधान है। नए बिल के तहत राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग बनाया जाएगा। यही ट्रिब्यूनलों के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया देखेगा और उनके कामकाज की समीक्षा करेगा।

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यह व्यवस्था देश के 16 प्रमुख ट्रिब्यूनलों पर लागू होगी। इनमें प्रशासनिक, आयकर, उपभोक्ता, पर्यावरण, कंपनी कानून, सशस्त्र बल और दूरसंचार से जुड़े ट्रिब्यूनल शामिल हैं। ट्रिब्यूनल अदालतों की तरह विवादों का निपटारा करते हैं।

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