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आज है ज्ञान की ज्योत जलाने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि, जानें उनके अनमोल विचार

  • Written By: वैष्णवी वंजारी
Updated On: Nov 28, 2021 | 07:00 AM
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नई दिल्ली: आज हमारे देश के महान क्रांतिकारक, समाज सुधारक, विचारवंत, महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि है। हर साल हमारे देश में 28 नवंबर को आदर्श शिक्षक महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि मनाते है। आज उनके पुण्यतिथि के अवसर पर हम उनसे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी आपको देने जा रहे है। आइए जानते है। 

11 अप्रैल 1827 में महात्मा ज्योतिबा फुले इनका जन्म पुणे में हुआ था। उनकी मां का नाम चिमनाबाई और पिता का  गोविंदराव था। बता दें कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से माली का काम करता था। आपको बता दें कि वे वे सातारा से पुणे फूल लाकर फूलों के गजरे आदि बनाने का काम करते थे इसलिए उनकी पीढ़ी ‘फुले’ के नाम से जानी जाती थी।

ज्योतिबा बहुत बुद्धिमान व्यक्तित्व थे। उन्होंने मराठी में अध्ययन किया। वे महान क्रांतिकारी, भारतीय विचारक, समाजसेवी, लेखक एवं दार्शनिक थे।महज 13 साल की उम्र में 1840 में ज्योतिबा का विवाह सावित्रीबाई से हुआ था। महाराष्ट्र में धार्मिक सुधार आंदोलन जोरों पर था। जाति-प्रथा का विरोध करने और एकेश्‍वरवाद को अमल में लाने के लिए ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना की गई थी जिसके प्रमुख गोविंद रानाडे और आरजी भंडारकर थे। उस समय महाराष्ट्र में जाति-प्रथा बड़े ही वीभत्स रूप में फैली हुई थी। इसे नष्ट करने के लिए ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना की गई। 

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बता दें कि आदर्श शिक्षक ज्योतिराव गोविंदराव फुले की मृत्यु 28 नवंबर 1890 को पुणे में हुई। इस महान समाजसेवी ने अछूतोद्धार के लिए सत्यशोधक समाज स्थापित किया था। उनका यह भाव देखकर 1888 में उन्हें ‘महात्मा’ की उपाधि दी गई थी। देश से छुआछूत खत्म करने और समाज को सशक्त बनाने में ज्योतिराव फुले का किरदार अहम रहा है। आज इस आदर्श व्यक्तित्व  के बारे में उनके विचारों को पढ़कर जानने की कोशिश करते है। चलिए जानते है महात्मा ज्योतिबा के अनमोल विचार। 

महात्मा ज्योतिबा के अनमोल विचार

1. परमेश्वर एक है और सभी मानव उनकी संतान हैं। 

2. शिक्षा स्त्री और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से आवश्यक है। 

3. आपके संघर्ष में शामिल होने वालों से उनकी जाति मत पूछिए।  

4. अच्छा काम पूरा करने के लिए बुरे उपाय से काम नहीं लेना चाहिये।

5. अगर कोई किसी प्रकार का सहयोग करता है, तो उससे मुंह मत मोड़िए। 

6. आर्थिक असमानता के कारण किसानों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।स्वार्थ अलग-अलग रूप धारण करता है, कभी जाती का रूप लेता है तो कभी धर्म का। 

7. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक नहीं होगा, जब तक खान -पान एवं वैवाहिक संबंधों पर जातीय बंधन बने रहेंगे। 

Today is the death anniversary of mahatma jyotiba phule who lit the flame of knowledge know his precious thoughts

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Published On: Nov 28, 2021 | 07:00 AM

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