फिल्म देखने की सजा मिली थी मौत, उपहार सिनेमाघर कांड के सदमे से अब उबर नहीं पाए लोग
13 जून 1997 इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इस दिन के दर्द को लोग आज तक नहीं भूल पाए। परिवार के साथ अच्छे दिन गुजराने के लिए सिनेमा घर पहुंचे कुछ लोगों का आखिरी दिन था। इस दिन से जुड़ी कई कहानियां है।
- Written By: शानू शर्मा
उपहार सिनेमाघर कांड (सौ-सोशल मीडिया)
नवभारत डेस्क: हर दिन का अपना इतिहास होता है। आज के दिन का भी एक पुराना और काला इतिहास है। जिसे याद कर के लोग आज भी सहम जाते हैं। जिंदगी के हसीन पलों को और भी हसीन बनाने के लिए अपने प्यार, परिवार और दोस्त के साथ उपहार सिनेमा घर पहुंचे लोगों का जीवन मात्र कुछ घंटो में पूरी तरह बदल गया था। यह घटना 1997 की है। आज की दिन भी बाकी सभी दिनों की तरह ही शुरु हुआ था। हालांकि यह दिन कुछ लोगों के लिए अंत भी साबित हुआ।
दिल्ली के ग्रीन पार्क में स्थित उपहार सिनेमाघर में बॉर्डर फिल्म देखने पहुंचे लोगों को कोई अंदाजा नहीं था कि यह दिन उनके लिए आखिरी दिन होने वाला है। इस दिन शो के दौरान सिनेमाघर के ट्रांसफॉर्मर रुम में आग लग गई थी। जो तेजी से सिनेमा घर के अन्य हिस्सों में फैल गई। आग की वजह से 59 से लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 100 लोग अपने शरीर पर आज भी उसकी निशानी लेकर घूम रहे हैं। इस पूरी घटना में किसी ने अपना बच्चा खोया, किसी ने अपना पति वहीं कुछ का तो पूरा खंदान जड़ से खत्म हो गया। हालांकि उस घटना के बाद ऐसे भी कुछ मां-बाप है जो अपनी मौत के इंतजार में अकेले बैठे हैं।
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कांड में शामिल लोगों पर एक्शन
उपहार कांड के जांच में पता चला कि इस सिनेमाघर में आग सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए थें। वहीं ज्यादा सीट लगाने के लिए कुछ एग्जिट गेट को भी ब्लॉक कर दिया गया था। वहीं मुख्य एग्जिट गेट को फिल्म शुरु होने के बाद बंद कर दिया गया था। आग लगते हीं सिनेमा घर की इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई बंद कर दी गई। जिसकी वजह से पूरी तरह अंधेरा हो गया। बाहर निकलने की होड़ में लोग एक दूसरे पर चढ़े जा रहे थें लेकिन दरवाजे तक नहीं पहुच पा रहे थें। इस पूरे कांड को लेकर कोर्ट में आज भी सुनवाई चल रही है। हालांकि अबतक कोर्ट की ओर से इस बात को माना गया है कि इस पूरी घटना में सिनेमा घर के मैनेजमेंट की लापरवाही रही। जिसके बाद सुशील अंसल और उनके भाई गोपाल अंसल और दिल्ली विद्युत बोर्ड के एक ऑफिसर के खिलाफ सिनेमा के ठीक से जांच नहीं करने की वजह से वॉरेंट जारी हुआ था। इसके अलावा दो अग्निशमन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। बाद में उपहार सिनेमा मालिक सुशील अंसल व उसके बेटे प्रणव अंसल को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था।
