आज से प्रभावी होगा नया भारतीय वायुयान अधिनियम, 90 साल पुराने अधिनियम की जगह लेगा, सस्ती होगी हवाई यात्रा

भारत में विमानों के डिजाइन और विनिर्माण को सुविधाजनक बनाने के साथ ही विमानन क्षेत्र में कारोबारी सुगमता के लिए नया कानून आज यानी 1 जनवरी, 2025 से लागू हो रहा है।
आज से प्रभावी होगा नया भारतीय वायुयान अधिनियम
नया भारतीय वायुयान अधिनियम
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नई दिल्ली: भारत में विमानों के डिजाइन और विनिर्माण को सुविधाजनक बनाने के साथ ही विमानन क्षेत्र में कारोबारी सुगमता के लिए नया कानून आज यानी 1 जनवरी, 2025 से लागू हो रहा है। भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 को बीते साल दिसंबर की शुरुआत में संसद ने मंजूरी दे दी थी। यह 90 साल पुराने विमान अधिनियम की जगह लेगा।

जानकारी दें कि, 90 साल पुराने विमान अधिनियम अब तक 21 बार संशोधन किया जा चुका है। वहीं इस नए विधेयक के बाद तेजी बढ़ते विमानन क्षेत्र में कारोबार के नए रास्ते खुलेंगे। साथ ही हवाई यात्रा भी किफायती होगी। क्योंकि एयरलाइन कंपनियों की उड़ानों की कीमतों का नियंत्रण भी अब किया जा सकेगा। विधेयक को बीते गुरुवार 5 दिसंबर को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया था। इस विधेयक को 9 अगस्त को लोकसभा में मंजूर कर दिया गया था।

इस बाबत बीते 31 दिसंबर यानी मंगलवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ''केंद्र सरकार ने उक्त अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए एक जनवरी, 2025 की तारीख तय की है।'' अधिनियम में विमानों के डिजाइन, निर्माण, रखरखाव, कब्जे, उपयोग, संचालन, बिक्री, निर्यात तथा आयात और संबंधित मामलों के विनियमन और नियंत्रण का प्रावधान है।

जानकारी दें कि, राज्यसभा में बीते गुरुवार को को भारतीय वायुयान विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक के नाम को लेकर सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया वहीं सत्ता पक्ष ने इस आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा था कि यह कानून लगभग सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर लाया गया है और ‘मेक इन इंडिया' के लिए यह प्रासंगिक है।

साल 2014 से पहले देश में जहां 74 हवाईअड्डे थे जो 2024 में 157 हो गए हैं और अब साल 2047 में इनकी संख्या 300 से 400 तक करने की योजना है।आज हवाई यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एयरलाइन मार्केट बन गया है और 19 नवंबर 2024 में रिकार्ड चार लाख 56 हजार 910 घरेलू यात्रियों ने यात्रा कर रिकॉर्ड बनाया है।

राज्यसभा में कहा गया कि पुराना विधेयक 1934 का था और गुलामी की मानसिकता दूर करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं उनके तहत ही भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 को लाया गया है। यह भी कहा गया नया कानून, लगभग सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर लाया गया है और ‘मेक इन इंडिया' के लिए यह प्रासंगिक है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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