सबसे बड़ी पार्टी बनकर सरकार नहीं बना पाएंगे विजय, तमिलनाडु में उलझाने वाले हैं समीकरण, किसका ‘हाथ’ थामेगी TVK

Tamil Nadu Election Results: TVK तमिलनाडु में सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रहने के कारण सरकार गठन पर सस्पेंस गहरा गया है। क्या विजय सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटा पाएंगे?
Tamil Nadu TVK Majority Crisis
सबसे बड़ी जीत के बावजूद TVK अभी बहुमत से दूर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Tamil Nadu TVK Majority Crisis: तमिलनाडु की राजनीति में करीब छह दशक बाद बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य में पिछले कई सालों से द्रविड़ आंदोलन से निकले राजनीतिक दलों का दबदबा रहा है। लेकिन इस बार तमिलनाडु की जनता ने अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) पर भरोसा दिखाया है। TVK 2026 विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।

हालांकि, इस बड़ी जीत के बावजूद टीवीके अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई है। 234 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, जबकि  TVK को 108 सीटों पर जीत मिली है। ऐसे में TVK इतनी बड़ी जीत के बाद भी अकेले सरकार नहीं बना सकती। विजय को अपनी सरकार बनाने के लिए 10 सीटों की जरूरत है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि  विजय जो चुनाव से पहले ही राज्य दोनों बड़ी पार्टियों DMK और AIADMK को अपनी राजनीतिक दुश्मन और BJP को वैचारिक दुश्मन बता चुके है वो अब क्या करेंगे? क्या TVK सरकार बनाने के लिए कोई दूसरा रास्ता निकालेगी या फिर DMK या AIADMK में से किसी एक से समझौता करेगी?

कांग्रेस ने किया समर्थन का ऐलान

सोमवार को चुनाव नतीजे आने के बाद से यह तय हो गया था कि अपना पहला चुनाव लड़ रही TVK सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी अकेले सरकार नहीं बना पाएगी। ऐसे में विजय के पिता एसए चंद्रशेखर सामने आए और उन्होंने 5 सीट जीतने वाली कांग्रेस को गठबंधन का न्योता दिया है। जिसे कांग्रेस ने बिना किसी शर्त के स्वीकार भी कर लिया। लेकिन इसके बाद भी विजय को अपनी सरकार बनाने के लिए 5 सीटें और चाहिए। स्थिति को थोड़ा और जटिल बनाता है यह तथ्य कि विजय ने दो सीटों (पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट) से चुनाव जीता है। नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे पार्टी की संख्या एक और कम हो जाएगी। इसके अलावा, सरकार बनने पर एक विधायक को स्पीकर बनाया जाएगा। स्पीकर सामान्य स्थिति में मतदान नहीं करता, जिससे सदन में पार्टी की प्रभावी संख्या और घट जाती है।

छोटे दल निभाएंगे किंगमेकर की भूमिका

इन सभी समीकरणों को देखते हुए टीवीके को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में छोटे दल और गठबंधन अब 'किंगमेकर' की भूमिका में आ गए हैं। चुनाव परिणामों के अनुसार, डीएमके गठबंधन को बिखरा हुआ जनादेश मिला है। कांग्रेस ने 5 सीटें जीती हैं, जबकि वाम दल सीपीआई और सीपीआई (एम) को 2-2 सीटें मिली हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और विदुथलाई चिरुथिगल काची जैसे दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है। कांग्रेस ने पहले ही TVK के समर्थन का ऐलान कर दिया है।

AIADMK गठबंधन को मिली सीमित सीटें

वहीं, AIADMK गठबंधन भी सीमित संख्या में सीटें हासिल कर पाया है। इस गठबंधन में शामिल पीएमके और भाजपा जैसी पार्टियों ने कुछ सीटें जीती हैं। अगर टीवीके इन दलों में से कुछ का भी समर्थन हासिल कर लेती है, तो वह आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है। लेकिन क्या विजय भाजपा के साथ गठबंधन करेंगे? क्योंकि वो पूरे चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा के साथ वैचारिक मतभेद होने की बात कही थी।

बहुमत नहीं मिला तो आगे क्या?

इधर, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर जल्द ही सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। वे विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने और बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं या समर्थन पत्र दिखाने को कह सकते हैं। अगर टीवीके बहुमत साबित करने में असफल रहती है, तो राज्यपाल दूसरे सबसे बड़े दल डीएमके को मौका दे सकते हैं। और यदि कोई भी दल सरकार बनाने में सफल नहीं होता, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है और छह महीने के भीतर दोबारा चुनाव कराए जा सकते हैं।

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