

FIR on Tejashwi Yadav: बिहार में चुनावी माहौल अब गरमाने लगा है और इसके साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक टिप्पणी को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मुश्किलों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे बिहार की सियासत में भूचाल आ गया है। तेजस्वी ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह ऐसी एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं और सच बोलना जारी रखेंगे। इस घटना के बाद से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक नई बहस छिड़ गई है।
यह पूरा विवाद बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया है, जब तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट के बाद पहले महाराष्ट्र और फिर उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। इस पर जवाब देते हुए तेजस्वी ने इसे सच को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि क्या अब 'जुमला' शब्द का इस्तेमाल करना भी अपराध हो गया है? उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से घबराएंगे नहीं और सरकार की नाकामियों को जनता के सामने लाते रहेंगे।
तेजस्वी यादव के खिलाफ हुई इस कार्रवाई पर पूरा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है। आरजेडी और कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि चाहे एक हजार एफआईआर दर्ज हो जाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि यह यात्रा भाजपा के विचारों से आजादी पाने के लिए है। वहीं, आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव जनता की आवाज हैं और सरकार एफआईआर के जरिए उन्हें डरा नहीं सकती। आरजेडी के एक अन्य नेता संजय यादव ने पुराने वादों की याद दिलाते हुए पूछा कि हर खाते में 15 लाख रुपये और हर साल 2 करोड़ नौकरियों का वादा किसने किया था?
दूसरी ओर, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वहीं, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री की आलोचना करने की बजाय अपने पिता के बारे में बात करनी चाहिए, जिन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया और जेल जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी और राहुल गांधी यह मानते हैं कि प्रधानमंत्री की आलोचना करने से उनकी लोकप्रियता बढ़ेगी, लेकिन देश की जनता प्रधानमंत्री का सम्मान करती है।