तमिलनाडु में अंबेडकर प्रतिमा पर भड़का विवाद, 5 साल से ढकी प्रतिमा से कपड़ा हटते ही बवाल; भारी पुलिस बल तैनात

Salem Ambedkar Statue Clash: तमिलनाडु के सलेम जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर पांच साल पुराना विवाद फिर हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 6 लोग घायल हो गए हैं।
Surge la polémica por la estatua de Ambedkar en Tamil Nadu; se despliega un fuerte contingente policial.
डॉ भीमराव अंबेडकर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Tamil Nadu Ambedkar Statue Row: तमिलनाडु के सलेम जिले के गंगावल्ली के पास स्थित ओडियाथुर गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। प्रतिमा से अचानक कपड़ा हटाए जाने के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों समेत छह लोग घायल हो गए। हालात को देखते हुए गांव में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

यह विवाद वर्ष 2020 में शुरू हुआ था, जब एक समूह ने ओडियाथुर पंचायत के फोर रोड्स चौराहे पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर की बैठी हुई प्रतिमा स्थापित की थी। प्रतिमा में संविधान निर्माता अंबेडकर को एक पैर दूसरे पैर पर रखे हुए दर्शाया गया है। हालांकि, स्थानीय समुदाय के दूसरे वर्ग ने इस स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने और उसके अनावरण का विरोध किया था।

कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक

शनिवार रात करीब नौ बजे सहायक कलेक्टर तमिलमणि और सलेम के पुलिस अधीक्षक कुथालिंगम मौके पर पहुंचे और धातु की चादरों से प्रतिमाओं को घेरने की कार्रवाई शुरू कराई। इसी दौरान अंबेडकर प्रतिमा को ढकने का विरोध कर रहे एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने अग्निशमन विभाग के वाहन से पानी की बौछार कर भीड़ को तितर-बितर किया।

झड़प के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी समेत तीन पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी पक्ष की तीन महिलाएं मामूली रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को इलाज के लिए गंगावल्ली सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे इलाके में कड़ी निगरानी बनाए हुए है।

दोनों पक्षों के साथ शांति समिति की बैठक

स्थिति को संभालने के लिए अत्तूर के सहायक कलेक्टर कार्यालय में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ शांति समिति की बैठक बुलाई गई। सहायक कलेक्टर तमिलमणि ने कहा कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद ही अंबेडकर प्रतिमा का औपचारिक अनावरण किया जा सकेगा। उन्होंने शांति बनाए रखने के लिए अंबेडकर प्रतिमा के साथ-साथ के. कामराज और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमाओं को भी अस्थायी रूप से ढकने का फैसला सुनाया।

पांच साल पुराना है मामला

वर्ष 2021 में जब प्रतिमा के अनावरण की कोशिश की गई थी, तब तत्कालीन तहसीलदार वेंकटेशन, राजस्व अधिकारियों और पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए निर्देश दिया था कि जब तक सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बन जाती, तब तक प्रतिमा को ढककर रखा जाए। इसके बाद करीब पांच वर्षों तक प्रतिमा कपड़े से ढकी रही।

शनिवार को अचानक प्रतिमा से कपड़ा हटा दिया गया, जिसके बाद विवाद फिर से भड़क उठा। एक पक्ष ने मांग की कि कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने तक प्रतिमा को दोबारा ढक दिया जाए, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध करने लगा। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव पैदा हो गया।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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