

Tamil Nadu Political Crisis Updates: तमिलनाडु से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद दो गुटों में बंटी प्रमुख राजनीतिक दल AIADMK में सुलह हो सकती है। खबर आ रही है कि विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर गुरुवार को AIADMK के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के विलय पर फैसला ले सकते हैं।
दोनों गुटों के नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर याचिकाएं औपचारिक रूप से वापस ले ली हैं और पार्टी में एकता का दावा करते हुए ज्ञापन सौंपा है। इससे CM विजय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) और वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि के बीच लंबी सुलह वार्ता के बाद यह सामने आया। इस बीच वेलुमणि गुट के 14 विधायक सी.वी. शनमुगम के आवास से चेन्नई में ईपीएस से मिलने पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बागी विधायकों ने पलानीस्वामी को माफी पत्र सौंपे और पार्टी में विभाजन के बाद उनसे छीने गए पदों को बहाल करने की मांग की। पलानीस्वामी से मुलाकात के तुरंत बाद वेलुमणि और अन्य विधायक विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर से मिले और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार से समर्थन वापस लेने का पत्र सौंपा।
पत्रकारों से जानकारी साझा करते हुए तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष JCD प्रभाकर ने कहा कि AIADMK विधायकों ने मुझे अपनी याचिकाएं सौंपी हैं। मैं उन्हें पढूंगा और गुरुवार को अपना फैसला सुनाऊंगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने खुद उन विधायकों के नाम पढ़कर सुनाए जिन्होंने याचिकाएं दी थीं और उनकी मौजूदगी की व्यक्तिगत रूप से पुष्टि की। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता सी.वी. शनमुगम व्यक्तिगत रूप से अध्यक्ष के सामने पेश नहीं हुए और यह साफ नहीं है कि उनकी याचिका औपचारिक रूप से स्वीकार हुई या नहीं। हालांकि, दोनों गुटों के बीच समझौता होता दिख रहा है, लेकिन सीवी शनमुगम के राजनीतिक भविष्य को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुरुआत में शनमुगम ने एडप्पादी के. पलानीस्वामी से मिलने से इनकार कर दिया था, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. थंगामणि ने उन्हें बातचीत में शामिल होने के लिए मनाया। फिलहाल, वह चेन्नई स्थित अपने आवास पर समर्थकों से चर्चा कर रहे हैं। एडप्पादी के. पलानीस्वामी गुट में उनकी संभावित वापसी को लेकर AIADMK के कुछ नेताओं के बीच मतभेद बढ़ते दिख रहे हैं।