11 साल पुराने इस केस में पूर्व PM मनमोहन सिंह को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने अब रद्द किया मामला

Manmohan Singh, Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने 11 साल पूराने कोल ब्लॉक आवंटन मामले में दिवंगत मनमोहन सिंह को कानूनी राहत दी। मनमोहन सिंह के खिलाफ समन को रद्द कर दिया गया है।
manmohan singh coal block allocation case
सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत मनमोहन सिंह को दी राहत (सौजन्य-IANS)
Published on: 
Updated on: 

Manmohan Singh Coal Block Allocation Case: सुप्रीम कोर्ट ने 11 साल पूराने कोल ब्लॉक आवंटन मामले में दिवंगत मनमोहन सिंह को कानूनी राहत दी। मनमोहन सिंह के खिलाफ समन को रद्द कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने तलाबीरा-II कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को समन करने वाले 2015 के ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि CBI की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने या उनके खिलाफ संज्ञान लेने का कोई ठोस आधार नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट ने तलाबीरा-II कोल ब्लॉक आवंटन मामले में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय डॉ. मनमोहन सिंह और पांच अन्य लोगों को आरोपी के तौर पर बुलाने के स्पेशल CBI कोर्ट के 2015 के आदेश को रद्द कर दिया है। अपीलों को मंजूरी देते हुए, कोर्ट ने CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और कहा कि स्पेशल जज के पास उन्हें खारिज करने और अपराधों का संज्ञान लेने का कोई ठोस कारण नहीं था।

CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने गौर किया कि CBI ने अपनी जांच पूरी करने के बाद दो अलग-अलग क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थीं, जिन्हें स्पेशल जज ने खारिज कर दिया था। नतीजतन, शीर्ष अदालत ने 11 मार्च, 2015 के विवादित आदेश को रद्द कर दिया, CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और मामले को गुण-दोष के आधार पर बंद कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही पर लगाई थी रोक

11 मार्च, 2015 को स्पेशल CBI कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और 2005 में तलाबीरा-II कोल ब्लॉक के आवंटन के सिलसिले में IPC की धारा 120-B के तहत आपराधिक साजिश और धारा 409 के तहत आपराधिक विश्वासघात जैसे अपराधों के लिए स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पांच अन्य लोगों को ट्रायल का सामना करने के लिए बुलाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल, 2015 को इस कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।