महाकुंभ मामले पर सोमवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर दायर की गई है याचिका
याचिका में कहा गया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की गई है, जिसमें महाकुंभ में भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकारों को दिशानिर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
- Written By: मनोज आर्या
(डिजाइन फोटो/ नवभारत लाइव)
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें महाकुंभ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट दिशा-निर्देश और नियम लागू करने का अनुरोध किया गया है। प्रयागराज में जारी महाकुंभ के दौरान संगम क्षेत्र में 29 जनवरी को भगदड़ मचने से कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 अन्य लोग घायल हो गए थे। कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई तीन फरवरी की वाद सूची के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।
याचिका में भगदड़ की घटनाओं को रोकने और अनुच्छेद 21 के तहत समानता एवं जीवन के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध किया गया है। याचिका में केंद्र और सभी राज्यों को पक्षकार बनाया गया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों को सामूहिक रूप से काम करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है ताकि महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य सरकार को दिशा निर्देश देने का अनुरोध
याचिका में कहा गया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की गई है, जिसमें महाकुंभ में भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकारों को दिशानिर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया है कि वह उत्तर प्रदेश सरकार को भगदड़ की घटना पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दे।
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मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की जांच कर रहै है STF
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने तेज कर दी है। यूपी एसटीएफ की टीमें इसमें साजिश के एंगल से जांच करने में जुटी हैं। महाकुंभ में कहीं साजिश के तहत भगदड़ करवाई तो नहीं गई, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यूपी एसटीएफ ने संगम नोज के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का डेटा खंगालना शुरू कर दिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार 16 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों के डेटा का एनालिसिस किया जा रहा है। अब तक की जांच में पता चला है कि कई मोबाइल नंबर भगदड़ की घटना के बाद से ही बंद हैं। महाकुंभ मेला क्षेत्र में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम के सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों को फेस रिकग्निशन ऐप के जरिए चिन्हित किया जा रहा।
