आज भारत आएंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके, इन खास मुद्दों पर हो सकती है बात

आज श्रीलंका के नए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके 17 दिसंबर तक भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। वहीं यह यात्रा उनके राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा होने जा रही है।
भारत आ रहे श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके
भारत आ रहे श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके
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नई दिल्ली: आज यानी रविवार 15 दिसंबर से श्रीलंका के नए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके 17 दिसंबर तक भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। वहीं यह यात्रा उनके राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा होने जा रही है। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि, इस दौरान राष्ट्रपति दिसानायके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति दिसानायके के साथ श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ और वित्त उप मंत्री अनिल जयंता फर्नांडीस भी होंगे।

इस बाबत विदेश मंत्रालय ने बीते शुक्रवार को कहा था कि दिसानायके की भारत यात्रा से दोनों देशों के बहुआयामी और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि दिसानायके की यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा सहयोग से संबंधित मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

दिसानायके की यह पहली विदेश यात्रा

बीते 23 सितंबर को श्रीलंका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद दिसानायके की यह पहली विदेश यात्रा होगी। दिसानायके भारत और श्रीलंका के बीच निवेश और वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में एक व्यापारिक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि उनका बोधगया जाने का भी कार्यक्रम है।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि श्रीलंका हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का निकटतम समुद्री पड़ोसी है और प्रधानमंत्री मोदी के ‘सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और प्रगति) के दृष्टिकोण तथा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम' नीति में प्रमुख स्थान रखता है। इस बाबत में एक बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रपति दिसानायके की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी एवं पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग को और मजबूत होने की उम्मीद है।'

इन मुद्दों पर चर्चा संभव

जानकारी दें कि, राष्ट्रपति दिसानायके की यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा सहयोग और अन्य प्रमुख द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत होने की प्रबल संभावना है। पता हो कि, भारत के विदेश मंत्री एस। जयशंकर द्वारा बीते अक्टूबर में कोलंबो यात्रा के दौरान हुई मुलाकात में दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। वहीं इस मुलाकात में जयशंकर ने भारत के ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत श्रीलंका को समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की थी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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