'लोकतंत्र को कलंकित कर दिया' सदन में कागज उछालने पर भड़के शिवराज, 'VB G RAM G' की असली सच्चाई बताई

Lok Sabha में मनरेगा की जगह लाए गए नए 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' यानी 'VB G RAM G' बिल पर मचे घमासान के बाद केन्द्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने विपक्ष पर हमला बोला।
Regarding the uproar over the MGNREGA Bill in the Lok Sabha, Shivraj Singh Chouhan launched a scathing attack on the Congress and the INDIA bloc
कागज फाड़ने पर विपक्ष पर बुरी तरह भड़के मंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो- सोशल मीडिया)
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Shivraj Singh Chouhan Press Conference: संसद के भीतर का नजारा तब बेहद शर्मनाक हो गया जब विपक्ष ने कागज फाड़कर हवा में उछाल दिए। इस हरकत पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि लोकतंत्र को कलंकित करने वाला यह कृत्य संसदीय मर्यादा को तार-तार कर रहा है। 'VB G RAM G' बिल पर जवाब देते वक्त हुए इस हंगामे को शिवराज ने सीधे तौर पर 'गुंडाराज' करार दिया है।

लोकसभा में मनरेगा की जगह लाए गए नए 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' यानी वीबी-जी राम जी बिल पर आधी रात तक घमासान चला। भारी हंगामे के बीच यह बिल पास तो हो गया, लेकिन विपक्ष ने इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया। वहीं, शिवराज ने स्पष्ट किया कि 17 दिसंबर से शुरू हुई चर्चा को उन्होंने पूरी गंभीरता से सुना था, क्योंकि चर्चा ही लोकतंत्र का प्राण है। लेकिन विपक्ष का यह व्यवहार बापू के बापू का भी अपमान है।

100 नहीं, अब मिलेंगे 125 दिन

शिवराज सिंह चौहान ने नए बिल की वकालत करते हुए विरोधियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मनरेगा में जहां सिर्फ 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, वहीं वीबी-जी राम जी योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। मंत्री ने साफ कहा कि पुरानी योजना में पैसों की लूट मची थी जिसे खत्म करना जरूरी था। उनका तर्क था कि सिर्फ एक जगह गड्ढा खोदकर दूसरी जगह भरने से काम नहीं चलेगा, अगर कोई बेहतर योजना आ रही है तो उसमें किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए।

पैसों की लूट अब नहीं चलेगी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत के लिए गांवों का विकास पीएम मोदी का संकल्प है, जिसके चलते 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। नए बिल में गांवों के लिए रिटेनिंग वॉल से लेकर ड्रेनेज सिस्टम तक का पूरा खांचा तैयार किया गया है। सबसे बड़ा बदलाव फंड्स के वितरण में किया गया है। अब पैसा किसी सरपंच की सक्रियता पर नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण तरीके से और ग्रेडिंग के आधार पर मिलेगा ताकि जो पीछे रह गए हैं, उन्हें भी उनका हक मिल सके।

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