Satya Pal Malik: 'बेशर्म और डरपोक', सत्यपाल मलिक ने आखिरी इंटरव्यू में भी मोदी को बनाया था निशाना!

Satya Pal Malik Death: अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक न्यूज वेबसाइट को इंटरव्यू दिया था जिसमें मलिक ने पीएम मोदी को निशाना बनाते हुए पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कई बातें कही थीं।
Satyapal Malik and PM Modi
सत्यपाल मलिक व पीएम मोदी (डिजाइन फोटो)
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Satya Pal Malik: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक पिछले कुछ सालों से मोदी सरकार के खिलाफ काफी मुखर हो गए थे। वह किसानों, आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर केंद्र की एनडीए सरकार पर हमला बोलते रहते थे। पिछले इंटरव्यू में उन्होंने सीधे तौर पर पीएम मोदी पर हमला बोला था।

अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक न्यूज वेबसाइट को इंटरव्यू दिया था जिसमें मलिक ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कई बातें कही थीं। सत्यपाल मलिक ने कहा था कि यह आतंकी हमला सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही के कारण हुआ था। पिछले इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार को बेशर्म और कायर तक कह दिया था।

पुलवामा हमले के वक्त थे राज्यपाल

2019 में जब पुलवामा हमला हुआ था, तब सत्यपाल मलिक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने तक वह राज्यपाल रहे। इसके अलावा, उन्होंने बिहार, मेघालय, गोवा और ओडिशा के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया।

सत्यपाल मलिक ने किया था बड़ा दावा

सत्यपाल मलिक ने कहा था कि पुलवामा हमला सुरक्षा चूक के कारण हुआ और इसमें 40 अर्धसैनिक बलों के जवानों की जान चली गई। मलिक ने कहा था कि उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार उनकी बात नहीं सुनी। वहीं, केंद्र सरकार उनके दावों को लगातार खारिज करती रही।

किसान आंदोलन से सामने आए मतभेद

साल 2020-21 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के दौरान सरकार और उनके बीच मतभेद पहली बार सार्वजनिक हुए थे। तब सत्यपाल मलिक ने कहा था कि वह किसानों के समर्थन के लिए राज्यपाल का पद छोड़ने को तैयार हैं। उसके बाद 2022 में मेघालय के राज्यपाल के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद, सत्यपाल मलिक ने कई साक्षात्कारों में मोदी सरकार के खिलाफ बयान दिए।

'पुलवामा' से सबक लेते तो न होता 'पहलगाम'

वहीं, अस्पताल पहुंचने से कुछ दिन पहले, एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि इस सरकार ने पुलवामा हमले से सबक नहीं सीखा और इसीलिए पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ। सत्यपाल मलिक ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। बाद में, सिन्हा ने एक कार्यक्रम के दौरान पहलगाम में हुई सुरक्षा चूक की ज़िम्मेदारी भी ली थी।

पहलगाम हमले के बाद 6 मई को प्रकाशित एक साक्षात्कार में, सत्यपाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों की गिरफ़्तारियों के ख़िलाफ़ बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है और इससे समाज का माहौल खराब हो रहा है।

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