जयशंकर ने ईरानी मंत्री से की बात, व्यापारिक जहाजों पर हमलों की निंदा, बोले- व्यापारिक जहाजों को न बनाएं निशाना

S Jaishankar India Iran Relations: भारत ने अमेरिका-ईरान तनाव के बीच संयम और कूटनीति पर जोर देते हुए व्यापारिक जहाजों और कर्मचारियों को निशाना न बनाए जाने की अपील की है।
Jaishankar spoke to the Iranian minister, condemning attacks on merchant ships, saying – do not target merchant ships.
एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ( सोर्स-आईएएनएस)
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S Jaishankar Talks With Iranian Foreign Minister: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर संयम और कूटनीति पर जोर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र में जारी संघर्ष पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में व्यापारिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों (सीफेयरर्स) को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए औरh7o ऐसे हमलों की भारत कड़ी निंदा करता है, चाहे वे किसी भी पक्ष की ओर से किए जाएं।

बातचीत के दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने मौजूदा घटनाक्रम और चल रही कूटनीतिक चर्चाओं पर अपने देश का पक्ष भी रखा। जयशंकर ने दोहराया कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान का समर्थक रहा है। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की जानकारी दी है और दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही है, जबकि ईरान के कई दक्षिणी प्रांतों में हमलों और विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। ऐसे हालात में भारत ने क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से की बातचीत

जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अराघची से फोन पर बात हुई। मैंने क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर हमारी गहरी चिंता व्यक्त की। हमने जोर देकर कहा कि किसी भी हाल में व्यापारिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों (सीफेयरर्स) पर हमले नहीं होने चाहिए। भारत ऐसे किसी भी हमले की, चाहे वह किसी भी पक्ष की ओर से हो, कड़ी निंदा करता है।"

भारत ने कूटनीति और संवाद का किया समर्थन

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा क‍ि इस वार्ता के दौरान मुझे मौजूदा घटनाक्रम और चल रही चर्चाओं पर ईरान का पक्ष बताया गया। भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है। इससे पहले दिन में, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने अभियान से जुड़ी नई जानकारी साझा की। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने मध्य पूर्व में अपनी व्यापक निगरानी और नौसैनिक मौजूदगी बनाए रखते हुए कई व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला है।

व्यापारिक जहाजों पर हमलों का किया विरोध

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा 30 जुलाई तक सेंटकॉम बलों ने 24 व्यावसायिक जहाजों का मार्ग बदला, दो जहाजों को निष्क्रिय किया और दो पर सवार होकर जांच की, ताकि पूरी तरह नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी सक्रियता

बुधवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मध्य पूर्व में अमेरिकी बलों पर ईरान की ओर से कथित हमले की कोशिश के जवाब में की गई। इससे पिछले कई महीनों से जारी तनाव और बढ़ गया है। ये हमले उस वक्त किए गए, जब इससे एक दिन पहले ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने इस हमले को नाकाम कर दिया।

दक्षिणी प्रांतों में हुए नए हमले

दरअसल सेंटकॉम ने फिलहाल ईरान के भीतर हुए इन नए हमलों की जगह या उनके दायरे के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, देश के कई दक्षिणी प्रांतों, जिनमें होर्मोजगान और खुजेस्तान शामिल हैं, में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कुछ हमले तेल से जुड़े ढांचों और फारस की खाड़ी के कुछ द्वीपों के पास भी हुए हैं।

ईरान को अमेरिका की चेतावनी

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर हमला करने की कोशिश की गई तो अमेरिका ईरान पर 'बहुत सख्त' कार्रवाई करेगा।

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