अमित शाह के खिलाफ RLD प्रवक्ता ने दिया था बयान, जयंत चौधरी ने सभी प्रवक्ताओं को किया बर्खास्त
राष्ट्रीय लोक दल की ओर से जारी एक अधिकारी बयान में यह कहा गया है कि पार्टी के सभी राष्ट्रीय प्रवक्ताओं एवं उत्तर प्रदेश के सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
- Written By: मनोज आर्या
जयंत चौधरी, (प्रमुख, आरएलडी)
नई दिल्ली: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने अपने सभी प्रवक्ताओं को पद से हटा दिया है। जयंत चौधरी के आदेश पर इन सभी को पद से हटाया गया है। पार्टी ने जारी बयान में कहा कि राष्ट्र्रीय लोकदल के सभी राष्ट्रीय प्रवक्ताओं एवं उत्तर प्रदेश के सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। बताया जा रहा है कि पार्टी के एक प्रवक्ता ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान की आलोचना कर दी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 17 दिसंबर को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कहा था कि अभी एक फैशन हो गया है.. आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला जारी रखते हुए कहा था कि हमें तो आनंद है कि आंबेडकर का नाम लेते हैं। आंबेडकर का नाम अभी सौ बार ज्यादा लो। परंतु आंबेडकर जी के प्रति आपका भाव क्या है ये मैं बताता हूं। आंबेडकर जी को देश कि पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया।
अमित शाह ने क्या कहा था
गृह मंत्री ने आगे कहा था कि उन्होंने (आंबेडकर) कई बार कहा कि वह अनुसूचित जातियों और जनजातियों के साथ होने वाले व्यवहार से असंतुष्ट हैं। उन्होंने सरकार की विदेश नीति से असहमति जताई थी, अनुच्छेद 370 से भी सहमत नहीं थे। आंबेडकर को आश्वासन दिया गया था, जो पूरा नहीं हुआ, इसलिए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। अमित शाह यहीं नहीं रुके, उन्होंने इसके बाद जवाहरलाल नेहरू का एक बयान भी पढ़ा जो आंबेडकर के इस्तीफे के बारे में दिया गया था। उन्होंने कहा, बीसी रॉय ने पत्र लिखा कि आंबेडकर और राजाजी जैसे दो महानुभाव मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा, तो नेहरू जी ने उनको जवाब में लिखा है- राजाजी के जाने से तो थोड़ा बहुत नुकसान होगा, आंबेडकर के जाने से मंत्रिमंडल कमजोर नहीं होता है।
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आरएलडी प्रवक्ता ने की थी आलोचना
राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी द्वारा जारी एक चिट्ठी में इस फैसले की जानकारी दी गई है। जानकारी के अनुसार रालोद चीफ जयंत चौधरी के आदेश पर यह एक्शन हुआ है। रालोद की मेरठ इकाई ने इस फैसले की जानकारी अपने मीडिया ग्रुप में दी। बीते दिनों रालोद प्रवक्ता कमल गौतम ने कहा था कि गृह मंत्री का बयान सही नहीं है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को जो लोग भगवान मानते हैं, वह भगवान मानत रहेंगे। उनके लिए ऐसा बयान उचित नहीं है।
