

Ramachandra Guha On CJP Protest: देश की राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन हो रहा है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा धरना स्थल से उठाकर अस्पलात ले जाने के बाद छात्रों का यह प्रदर्शन और भड़क गया। कॉकरोच जनता पार्टी की अपील पर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब और बड़ा हो गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्र अब सिर्फ नीट पेपर लीक मामले तक ही सीमित नहीं हैं।
इससे आगे बढ़कर छात्रों की मांग अब देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग तक पहुंच गई है। इस बीच अब प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक रामचंद्र गुहा ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक रिपोर्ट शेयर किया और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बजट आवंटन और शिक्षा नीति पर सवाल खड़े किए हैं।
इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपने एक्स एक्स हैंडल पर इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट शेयर की है। इस रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने दावा किया है कि केंद्र की भाजपा सरकार में पिछले 12 साल के दौरान केंद्रीय बजट आवंटन में शिक्षा मंत्रालय का बजट लगभग आधा हो गया है। वहीं, नितिन गडकरी के मंत्रालय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की हिस्सेदारी बढ़कर करीब तीन गुना हो गई है।
रामचंद्र गुहा ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट मं लिखा कि CJP विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताए गए ये आंकड़े अहम हैं। उन्होंने लिखा कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, केंद्रीय बजट में शिक्षा मंत्रालय का हिस्सा लगभग आधा हो गया है। उन्होंने बताया कि 2013-14 में 4.6% से घटकर शिक्षा मंत्रालय का बजट 2025-26 में घटकर 2.5% हो गया है। गुहा द्वारा शेयर की गई यह रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय पर केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही प्राथमिकता पर सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय पर ज्यादा तरजीह मिली है। इस दौरान सड़क परिवहन मंत्रालय का बजटीय हिस्सा करीब तीन गुना तक बढ़ा है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय की बजटीय हिस्सेदारी काफी समय से लगभग स्थिर बनी हुई है। उसमें कोई बड़ा परिवर्तन नहीं देखा गया।