'क्या FIR दर्ज कराने के लिए करने पड़ेंगे आंदोलन', बदलापुर की घटना पर राहुल गांधी का तीखा बयान

महाराष्ट्र में बदलापुर की घटना के बाद पिछले तीन दिन से लाेग सड़कों पर उतर आए हैं। इस मामले काे लेकर बदलापुर सहित पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पूरा विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने बुधवार को मुंबई में मंत्रालय के सामने विराेध प्रदर्शन किया। इस मामले को लेकर अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
'क्या FIR दर्ज कराने के लिए करने पड़ेंगे आंदोलन', बदलापुर की घटना पर राहुल गांधी का तीखा बयान
राहुल गांधी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बदलापुर की घटना के बाद पिछले तीन दिन से लाेग सड़कों पर उतर आए हैं। इस मामले काे लेकर बदलापुर सहित पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पूरा विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने बुधवार को मुंबई में मंत्रालय के सामने विराेध प्रदर्शन किया। इस मामले को लेकर अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के बदलापुर की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि न्याय हर नागरिक का अधिकार है, उसे पुलिस और प्रशासन की मर्जी का मोहताज नहीं बनाया जा सकता। राहुल गांधी ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं? बदलापुर में दो मासूमों के साथ हुए अपराध के बाद उनको इंसाफ दिलाने के लिए पहला कदम तब तक नहीं उठाया गया जब तक जनता ‘न्याय की गुहार' करते हुए सड़क पर नहीं आ गई।''

उन्होंने सवाल किया कि ‘‘क्या अब प्राथमिकी तक दर्ज कराने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे? आखिर पीड़ितों के लिए पुलिस थाना तक जाना भी इतना मुश्किल क्यों हो गया है?'' राहुल गांधी ने कहा कि न्याय दिलाने से अधिक प्रयास अपराध छिपाने के लिए किया जाता है, जिसका सबसे बड़ा शिकार महिलाएं और कमज़ोर वर्ग के लोग होते हैं।

प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से अपराधियों के बढ़ रहे हौसले

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज नहीं होना न सिर्फ पीड़ितों को हतोत्साहित करता है बल्कि अपराधियों का हौसला भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि ‘‘सभी सरकारों, नागरिकों और राजनीतिक दलों को गंभीर मंथन करना होगा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या कदम उठाए जाएं। न्याय हर नागरिक का अधिकार है, उसे पुलिस और प्रशासन की मर्जी का मोहताज नहीं बनाया जा सकता।''

महाराष्ट्र के ठाणे जिला स्थित एक स्कूल के शौचालय में सफाईकर्मी द्वारा चार वर्षीय दो बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न किए जाने की घटना सामने आई है। इसको लेकर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को बदलापुर रेलवे स्टेशन की पटरियों को अवरुद्ध कर दिया था और विद्यालय परिसर में धावा बोल दिया था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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