

Rahul gandhi in OBC nyay Maha Sammelan: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जाति जनगणना को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण बयान दे दिया है। राहुल गांधी ने माना है कि उनकी पार्टी की सरकार के शासनकाल में जाति जनगणना न कराना एक बहुत बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति में 21 साल से ऊपर हो गए है वो अपने सभी कार्यों का आत्मचिंतन करते है तो उन्हें इस जातिगत जनगणना को लेकर बहुत अफसोस होत है। उन्होंने आगे कहा वो इसे अब सुधारना चाहता है।
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम कांग्रेस द्वारा आयोजित भागीदारी न्याय महासम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मुझे राजनीति करते हुए 21 साल हो गए हैं। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं और आत्मचिंतन करता हूं, तो मुझे लगता है कि मैंने कहां सही काम किया और कहां कमी रह गई।
उन्होने आगे कहा कि दो-तीन बड़े मुद्दे नजर आते हैं। मैंने भूमि अधिग्रहण कानून बनाया, मनरेगा लाया और नियमगिरि के लिए लड़ाई लड़ी। मैंने ये काम सही तरीके से किए। चाहे आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों की बात हो, मुझे अच्छे अंक मिलने चाहिए, महिलाओं के मुद्दे पर मुझे सही अंक मिलने चाहिए।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि अगर मैं अपनी कमियों की बात करूं, तो मैंने एक गलती की है, वो है ओबीसी वर्ग के खिलाफ, मैंने उसकी उस तरह रक्षा नहीं की जैसी मुझे करनी चाहिए थी। इसकी वजह ये थी कि मैं उस समय आपके मुद्दों को गहराई से नहीं समझ पाया था। दलितों की समस्याओं को मैंने 10-15 साल पहले ही समझ लिया था। आदिवासियों के मुद्दे भी आसानी से समझ में आते हैं, लेकिन ओबीसी के मुद्दे आसानी से दिखाई नहीं देते, छिपे रहते हैं। अगर मुझे आपकी समस्याओं के बारे में थोड़ा भी पता होता, तो मैं उसी समय जाति जनगणना करवा लेता। ये कांग्रेस की नहीं, मेरी गलती है।
इससे पहले, सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 18 साल से ऊपर के हमारे सभी युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए। घर-घर जाकर मतदाताओं को मजबूत करें। आज ही चुनाव आयोग का नया नोटिफिकेशन आया है कि SIR सिर्फ बिहार में ही नहीं, पूरे देश में किया जाएगा। ये गरीबों को खत्म करना चाहते हैं। RSS-BJP ओबीसी, SC/ST और महिलाओं को वोटिंग का अधिकार देने को तैयार नहीं थे। आपको वोट देने का अधिकार बाबा साहेब अंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू की वजह से मिला था। अब भाजपा मतदाता सूची में बदलाव करके लोगों से वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है।