

IPS Y Puran Kumar Suicide Case: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की कथित जातिगत उत्पीड़न के चलते आत्महत्या के मामले में सियासी हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज चंडीगढ़ में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका दर्द बांटा और इस घटना को "देश और समाज पर कलंक" बताया।
राहुल गांधी ने इस घटना को इस बात का सबूत बताया कि आज वंचित वर्ग उम्मीद खोता जा रहा है। उन्होंने BJP-RSS पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी "नफरत भरी और मनुवादी सोच ने समाज में ऐसा जहर घोल दिया है, जहां इंसानियत दम तोड़ रही है।
IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात करने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि दलित परिवार है। सालों से भेदभाव हो रहा है। इस अधिकारी का अपमान करने के लिए, हतोत्साहित करने के लिए, करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए दूसरे अधिकारी काम कर रहे थे। ये सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है देश में करोड़ों दलित हैं। उनको गलत संदेश जा रहा है कि आप कितने भी सफल हो अगर आप दलित हो तो आपको दबाया जा सकता है, कुचला जा सकता है, फेंका जा सकता है। मेरा प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को संदेश है कि आपने इस परिवार को जो वादा किया है उसे पूरा करें। अधिकारियों पर कार्रवाई कीजिए। गिरफ़्तारी कीजिए।
राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के परिवार से मुलाकात से ठीक पहले हरियाणा सरकार ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। डीजीपी शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है, जबकि रोहतक के एसपी का तबादला पहले ही हो चुका है। पूरन कुमार के सुसाइड नोट के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने डीजीपी कपूर समेत कुल 15 अधिकारियों के खिलाफ उत्पीड़न, प्रताड़ित करने और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी शामिल हैं, जिन पर पूरन कुमार ने उत्पीड़न और मानसिक दबाव डालने का आरोप लगाया था।
इस संवेदनशील मामले में परिवार अभी भी न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है। आईपीएस अधिकारी की पत्नी अमनीत पी कुमार ने 8 दिन बाद भी पति का पोस्टमार्टम नहीं करवाया है, जिसके चलते उनका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। परिवार और समाज की ओर से गठित कमेटी (महापंचायत) का 48 घंटे का अल्टीमेटम भी आज खत्म हो रहा है। परिवार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि न्याय मिल पाए।