Raghav Chadha News: सदन में छलका राघव चढ्ढा का दर्द; बोले- मैं वह उप नेता हूं, जिसे में पद से हटाया गया

Rajya Sabha News: राज्यसभा सांसद राघव चढ्ढा ने उप-सभापति हरिवंश सिंह को निर्विरोध चुने जाने पर बधाई दी है। इस दौरान राघव चढ्ढा ने आम आदमा पार्टी द्वारा उप नेता के पद से हटाए जाने को लेकर भी बात की।
Raghav Chadha News: Raghav Chadha bares his heart in the House; says, I am the Deputy Leader who was removed from the post.
राघव चढ्ढा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Raghav Chadha Rajya Sabha Speech: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चढ्ढा ने उप-सभापति हरिवंश सिंह को निर्विरोध चुने जाने पर बधाई दी है। राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए आप सांसद ने सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा कि, मैं जिस पार्टी से जुड़ा हूं, उसके नेता यहां उपस्थित नहीं है। उस पार्टी के नवनियुक्त उप नेता भी यहां उपस्थित नहीं है। आगे उन्होनें कहा कि मैं वह उप नेता हूं, जिसे हाल ही में पद से हटाया गया है। इसके बाद चढ्ढा ने सदन में बोलने का अवसर देने के लिए सभापति राधकृष्णन को धन्यवाद दिया।

नए उपसभापति को बधाई

तीसरी बार निर्विरोध उपसभापति के रूप में चुने जाने पर आप सांसद राघव चढ्ढा ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि, मुझे पूरा विश्वास है कि आपका विशाल अनुभव सदन के कामकाज को बहुत लाभ पहुँचाएगा। और इसकी गरिमा, मर्यादा तथा लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखने में सहायक होगा।

तीसरी बार बने उपभापति

हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा में उपसभापति के रूप में निर्विरोध चुने गए हैं। हरिवंश सिंह जेडीयू पार्टी से जुड़ें है। राजनीति में आने से पहले हरिवंश सिंह एक पत्रकार थे। वे पहली बार 2018 में उपसभापति के पद पर निर्वाचित हुए। राज्यसभा में यह का पद सभापति(उपराष्ट्रपति) के बाद दूसरा सर्वोच्च महत्वपूर्ण होता है।

पत्रकारिता, बैंकिंग और राजनीति

हरिवंश सिंह ने बीएचयू से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। बीएचयू से ही उन्होनें पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की पढ़ाई भी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिवंश सिंह पर छात्र जीवन के दौरान जेपी और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का काफी प्रभाव पड़ा। इसी के चलते उन्होनें 1974 के ऐतिहासिक जेपी आंदोलन में हिस्सा लिया था।

पढ़ाई के बाद हरिवंश सिंह एक प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में मीडिया से जुड़े। पत्रकारिता के बाद कुछ दिनों के लिए उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में भी हाथ आजमाया। हालांकि बाद में फिर से पत्रकारिता जगत में लौट आए। पत्रकारिता के दौरान उनको तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का अतिरिक्त मीडिया सलाहकार बनने का मौका भी मिला। इस दौरान उनकी सियासी पहचान बनी।

नीतीश कुमार की पार्टी जदयू से उन्होनें राजनीति में कदम रखा। और 2014 में जदयू ने उन्हें पहली बार राज्यसभा के लिए नामित किया। इस घटनाक्रम की जानकारी देते हुए हरिवंश ने बताया था कि उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की खबर स्वयं नीतीश कुमार ने दी थी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com