

PM Modi Amit Shah Tribute to Pulwama Martyrs: साल 2019 में पुलवामा में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले की बरसी पर आज पूरा देश अपनी मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने शहीदों के सर्वोच्च बलिदान और अदम्य साहस को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
पुलवामा हमले की बरसी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से देश के वीर सपूतों को याद किया। उन्होंने कहा कि साल 2019 में आज ही के दिन अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर नायकों की निष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा हमारी सामूहिक चेतना में सदा अमिट रहेगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि हर भारतीय को इन जवानों के अटूट साहस से शक्ति और प्रेरणा मिलती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलवामा के शहीदों को नमन करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति और कड़े संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और भारत सरकार इसके पूरी तरह से खात्मे (समूल नाश) के लिए दृढ़ संकल्पित है। शाह ने शहीद जवानों के शौर्य का स्मरण करते हुए कहा कि देश हमेशा उन सुरक्षा बलों और एजेंसियों का ऋणी रहेगा, जिन्होंने आतंकवाद का सामना करने में अपना साहस, समर्पण और बलिदान दिया है।
पुलवामा हमले के शहीदों को याद करने वालों में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल रहीं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि मातृभूमि के लिए शहीदों की अटूट प्रतिबद्धता और अद्वितीय बहादुरी हर नागरिक को प्रेरित करती रहेगी। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहीदों के अदम्य साहस को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि राष्ट्र उनके शौर्य का सदैव ऋणी रहेगा।
'हर भारतीय की प्रेरणा हैं हमारे वीर जवान' भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी शहीदों के प्रति अपनी संवेदनाएं और सम्मान प्रकट किया। उन्होंने लिखा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनकी वीरता से हर भारतीय को शक्ति प्राप्त होती है।
पुलवामा हमले की यह बरसी न केवल शोक का अवसर है, बल्कि यह आतंकवाद के विरुद्ध भारत के बढ़ते सामर्थ्य और एकजुटता का भी प्रतीक है। नेताओं के बयानों से यह साफ झलकता है कि देश अपने जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगा और सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आतंकवाद की जड़ों पर प्रहार जारी रखेगा।