

नई दिल्ली : आज 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर देश की सभी नेताओं ने अपनी विचार रखी है। ऐसे में भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र और भू-राजनीतिक नेता के रूप में उभरा है तथा यह बदलाव लाने में देश के संविधान ने उल्लेखनीय मदद की है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि भारत की यात्रा परिवर्तनकारी रही है। भारत ने विभाजन और उसके बाद की भयावहता के बीच बड़े पैमाने पर निरक्षरता, गरीबी और संतुलन सुनिश्चित करने वाले मजबूत लोकतांत्रिक प्रणाली के अभाव से लेकर अब नेतृत्व करने वाला एवं आत्मविश्वास से भरा देश बनने तक का सफर तय किया है।
इस बीच संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स के माध्यम से सभी देश वासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो को शेयर करते हुए ऊपर कैप्शन में लिखा, "सभी देशवासियों को भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर संविधान दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।"
आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि आज शाम संविधान दिवस के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट में एक कार्यक्रम होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले हैं। इस बात की जानकारी, उन्होंने अपने एक्स हैंडल के माध्य से दिया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर लिखा, " यह संविधान दिवस और भी खास है क्योंकि इस दिन संविधान सभा द्वारा हमारे संविधान को अपनाए जाने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। आज शाम 5 बजे सुप्रीम कोर्ट में संविधान दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लूंगा।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान को देश का सबसे पवित्र ग्रंथ बताते हुए मंगलवार को कहा कि राष्ट्र ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के अनेक बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया है। मुर्मू ने संविधान दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), नारी शक्ति वंदन अधिनियम और तीन आपराधिक कानूनों को लागू किए जाने का भी उल्लेख किया। संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारा संविधान, हमारे लोकतांत्रिक गणतंत्र की सुदृढ़ आधारशिला है। हमारा संविधान, हमारे सामूहिक और व्यक्तिगत स्वाभिमान को सुनिश्चित करता है।''