प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आसियान-भारत सम्मेलन में करेंगे शिरकत
- Written By: शुभम सोनडवले
File Photo
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बृहस्पतिवार को ब्रुनेई के सुल्तान हसनल बोलकिया के आमंत्रण पर 18वें दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन, आसियान-भारत सम्मेलन (ASEAN-India summit) में हिस्सा लेंगे। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में आसियान-भारत रणनीतिक साझेदारी, कोविड-19 व स्वास्थ्य, व्यापार, शिक्षा व संपर्क सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई। पीएमओ ने कहा कि डिजिअल माध्यम से होने वाले इस सम्मेलन में आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्ष व सरकारों के मुखिया भाग लेंगे।
यह सम्मेलन प्रति वर्ष आयोजित किया जाता है जो आसियान व भारत को शीर्ष स्तर पर संवाद का मौका प्रदान करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल नवंबर में 17वें आसियान सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस बार वह नौवें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पीएमओ ने कहा कि आसियान-भारत साझेदारी साझा भौगोलिक, ऐतिहासिक और सभ्यता के मजबूत आधारों पर आधारित है।
आसियान समूह शुरू से भारत की ‘एक्ट इस्ट नीति’ और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर व्यापक दृष्टिकोण का मूल केंद्र रहा है। वर्ष 2022 आसियान-भारत संबंधों के 30 वर्षों का गवाह बनेगा।
सम्बंधित ख़बरें
भारत-चीन पर US का टैरिफ बम! रूसी तेल खरीदने पर अब लगेगा 100% टैक्स; अमेरिकी सीनेट में बिल पास
विलय की संभावनाओं से इनकार, PM मोदी को बारामती का न्योता; शरद पवार के दो दांव से महाराष्ट्र राजनीति गर्माई
Japan Earthquake: जापान भूकंप पर भारत ने जताई संवेदना, विदेश मंत्री एस. जयशंकर बोले- हर मुश्किल में साथ हैं
विकसित भारत के रोडमैप पर PM मोदी की सचिवों संग अहम बैठक, समन्वय, साइबर सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
इस आयोजन से एक दिन पहले बुधवार को प्रधानमंत्री 16वें पूर्वी-एशिया शिखर सम्मेलन में भी डिजिटल माध्यम से हिस्सा लेंगे। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन भारत-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों और क्षेत्र में एक प्रमुख विश्वास-निर्माण तंत्र पर चर्चा करने के लिए एक प्रमुख नेतृत्व-प्रधान मंच है।
पूर्वी एशिया के रणनीतिक और भौगोलिक अभ्युदय में इस मंच ने अहम भमिका निभाई है। इसमें 10 आसियान देशों के सदस्यों के अलावा भारत, चीन, जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, नयूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल हैं। (एजेंसी)
