

National Honour Amendment Bill: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में प्रिवेंशन ऑफ इनसल्ट टू नेशनल ऑनर (संशोधन) विधेयक पेश किया। इस संसोधन विधेयक को लाने की मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मौजूदा कानूनों को समय की जरूरतों के अनुसार अधिक मजबूत, स्पष्ट और प्रासंगिक बनाना है।
इसके जरिए राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कानूनी प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इसके जरिए राष्ट्रीय प्रतिकों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय सम्मान से संबधित कानूनी प्रावधानों में बदलाओं का प्रस्ताव रखा गया है। सदन में पेश किए जाने के बाद अब इस विधेयक को आगे की चर्चा, विचार और मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
बता दें कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का अपमान करने या उसको गाने के दौरान बाधा डालने पर सजा का प्रावधाव किया गया है। नए संसोधन प्रावधानों के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबुझ या किसी साजिश के तहत वंदे मातरम को अपमानित करता है, उसके गाने में बाधा डालता है, तो उसे तीन साल की कारावास, जुर्माना या सजा दोनो दी जा सकती है। राष्ट्रीय गीत के सम्मान में बनाए गए कानून का सम्मान करना देश के सभी नागरिकों की जिम्मेंदारी माना गया है।
राष्ट्रीय गान के समय सम्मान न देना कानून के अनुसार, राष्ट्रीय गान के दौरान लोगों का सम्मान के तौर पर खड़ा होना अनिवार्य है। राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय गीत के गायन के दौरान किसी भी प्रकार का अपमानजनक व्यवहार करने या उसमें बाधा डालने पर ठोस कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 9 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' दोनों का गायन होने पर पहले 'वंदे मातरम' और उसके बाद 'जन गण मन' का गायन किया जाना अनिवार्य है। इस व्यवस्था का सख्ती से पालन करना जरूरी है और इसके उल्लंघन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।