

न्यू दिल्ली: उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को सत्संग के दौरान मची मगदड़ के वहज से 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन समेत सत्संग के आयोजनकर्ताओं पर कई सारे सवाल खड़े हो रहे है। दूसरी तरफ इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी तेज हो गई है। जहां समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) से सांसद अवधेश प्रसाद ने बुधवार को कहा कि हाथरस भगदड़ की घटना दिल दहला देने वाली है और प्रशासन की अनदेखी के कारण हुई है।
सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार को घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय आयोग का गठन करना चाहिए। इसके साथ ही प्रसाद ने उम्मीद जताई कि सरकार घायलों को उनकी जान बचाने के लिए उचित दवा की सुविधा मुहैया कराएगी।
समाजवादी नेता ने हाथरस घटना को भयावह बताते हुए कहा कि हाथरस में हुई दिल दहला देने वाली घटना दुखद और विनाशकारी है। यह घटना दिखाती है कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है। पुलिस और जिला प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण सरकारी अंगों ने अपनी जिम्मेदारी को नजरअंदाज कर दिया है। जब जिले में इतने बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था, तो उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। जो घटना हुई वह दुखद है।
जानकारी के लिए बता दें कि घायलों के इलाज पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने कहा मुझे उम्मीद है कि सरकार घायलों को उचित दवा की सुविधा देकर उनकी जान बचाने के लिए घटना पर तेजी से कार्रवाई करेगी। घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाना जांच का विषय है। अगर मामला गंभीर है, तो सरकार को जांच के लिए उच्च स्तरीय आयोग का गठन करना चाहिए। साथ ही, मुझे उम्मीद है कि सरकार शोक संतप्त परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
अवधेश प्रसाद सिंह ने कहा कि विपक्ष ने सदन में मणिपुर पर बहस की मांग की थी क्योंकि राज्य गृहयुद्ध जैसी स्थिति में है। लेकिन उन्होंने मांगों को नजरअंदाज कर दिया जो लोकतंत्र में एक स्वस्थ प्रथा नहीं है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को हुई दुखद भगदड़ की घटना में 121 लोगों की जान चली गई और 35 लोग घायल हो गए।