सचिन पायलट व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (डिजाइन फोटो)
जयपुर : राजस्थान के विधानसभा चुनाव 2023 (Rajasthan Assembly Elections 2023) के लिए शनिवार को सभी विधानसभा क्षेत्र में वोट डाले जाएंगे। राजस्थान विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपनी जनसभा में कांग्रेस के नेता स्व. राजेश पायलट (Congress leader Late. Rajesh Pilot) का जिक्र करके जिस तरह से एक नई राजनीतिक हवा को छेड़ने की कोशिश की है, उसे इस चुनाव का एक ट्रंपकार्ड माना जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में गुर्जर वोटरों को रिझाने (Politics of Gurjar votes in Rajasthan) के लिए यह ट्रंप कार्ड चला है। अगर प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्ड चला तो भाजपा अपनी बढ़त बनाएगी और एक बार फिर से राजस्थान में सत्ता परिवर्तन का खेल देखने को मिलेगा, लेकिन अगर कांग्रेसी नेता सचिन पायलट (Congress leader Sachin Pilot) अपनी बात वोटरों को समझाने में सफल रहे तो उनकी भी लॉटरी लग सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 नवंबर को राजस्थान विधानसभा 2023 के चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि कांग्रेस के एक परिवार के सामने जो बोलता है, उसे मरना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के नेता स्वर्गीय राजेश पायलट का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ क्या हुआ सब लोग जानते हैं। उनके कार्यों की वजह की से उनके बेटे सचिन पायलट को सजा दी जा रही है। कांग्रेस पार्टी राजेश पायलट की खुन्नस उनके बेटे से निकाल रही है। उदयपुर के कोटडी में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने राजेश पायलट का जिक्र करके कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इसके पीछे उनकी सचिन पायलट से हमदर्दी नहीं, बल्कि गुर्जर वोट बैंक दिखायी दे रहा था, जिसको वह अपने पाले में खींचना चाहते थे।
प्रधानमंत्री जी,
स्वर्गीय राजेश पायलट जी और @SachinPilot का परिवार हमेशा से कांग्रेस पार्टी रहा है। सचिन पायलट कांग्रेस पार्टी के मजबूत स्तंभ है। आप जनता को बरगलाने के लिए स्वर्गीय पायलट जी के नाम का सहारा न लें। pic.twitter.com/rCm420zpYN — Rajasthan PCC (@INCRajasthan) November 23, 2023
राजस्थान में गुर्जर वोट की 30-40 सीटें
ऐसा माना जाता है कि राजस्थान में गुर्जर वोटरों की संख्या अच्छी खासी है। राजस्थान के चुनाव में गुर्जर समुदाय को भाजपा का वोटर बैंक माना जाता रहा है, क्योंकि उनकी कट्टर विरोधी मीणा जाति परंपरागत रूप से कांग्रेस की समर्थक रही है, लेकिन हालात बदलने पर दोनों दलों ने इन वोट बैंकों में अपनी सेंध लगायी है। हालांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रह चुके सचिन पायलट गुर्जर नेता हैं। इसलिए कुछ समय से गुर्जरों का वोट भाजपा और कांग्रेस में आधा-आधा बंट रहा है। पिछले चुनाव में राजस्थान में एक दर्जन से अधिक विधायक गुर्जर जाति से जीते थे।
गुर्जर बहुल आबादी वाले जिलों की बात करें तो करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, टोंक, भरतपुर, दौसा, कोटा, धौलपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, झुंझनू, अजमेर जैसे जिले आते हैं, जिनकी सीमा में आने वाली 30 से 40 सीटों पर गुर्जर वोटरों का प्रभाव रहता है। इसी को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री ने गुर्जर वोटरों को कांग्रेस से खींचने की कोशिश की। प्रधानमंत्री मोदी के पास इनपुट था कि कांग्रेस की सरकार से गुर्जर समुदाय नाराज है। अगर इसे भाजपा भुनाने में कामयाब रही तो भाजपा की सरकार बड़े आराम से बन सकती है। इसी बात को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के गुर्जर नेता स्वर्गीय राजेश पायलट का जिक्र करते हुए उनके बेटे की हालत के बारे में जनता को बताने लगे।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट
देनी पड़ी सचिन को सफाई
राजस्थान के चुनावी जानकारों का कहना है कि पूरे एपिसोड में सचिन पायलट और गुर्जर वोटों को निशाना बनाकर प्रधानमंत्री ने यह बयान जारी किया है, जिस पर बार-बार कांग्रेस पार्टी और सचिन पायलट को भी सफाई देनी पड़ी है। इस मामले में सफाई देकर सचिन पायलट ने सेल्फ गोल कर लिया है। सचिन पायलट ने एक वीडियो जारी करके कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके वर्तमान और भविष्य के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस पार्टी से उनका दिल का रिश्ता है। प्रधानमंत्री ने जो कुछ भी बोला है.. झूठ बोला है। स्व. इंदिरा गांधी ने ही उनके पिता स्वर्गीय राजेश पायलट को राजनीति में लाया था और वे कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही रहे हैं। उन्होंने अंत तक कांग्रेस पार्टी की सेवा की और वे खुद भी करते रहेंगे।
2018 में कांग्रेस को मिल चुका है फायदा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के अंतिम चरण में मिले फीडबैक के आधार पर गहलोत पायलट के विवाद को तूल पकड़ाने की कोशिश की है, उससे कांग्रेस के अंदर की फुट का सियासी लाभ लेना एकमात्र मकसद है। 2018 में कांग्रेस को गुर्जर बाहुल्य सीटों पर बंपर जीत मिली थी, लेकिन अबकी बार इन सीटों पर कांटे का मुकाबला है। 2018 में कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व सचिन पायलट के हाथ में था और यह माना जा रहा था कि गुर्जर नेता सचिन पायलट के हाथ में राजस्थान की कमान दी जाएगी, लेकिन सियासी दावपेंच में राजस्थान की कुर्सी एक बार फिर अशोक गहलोत के पाले में चली गई और इस दौरान सचिन पायलट ने अपनी कई बार नाराजगी भी जाहिर की। हालांकि शुरुआत में सचिन पायलट ने डिप्टी सीएम का पद स्वीकार कर लिया था, लेकिन उसके बाद चले सियासी घमासान में उनसे डिप्टी सीएम की भी कुर्सी छीन ली गई थी। इतना ही नहीं उनके कई खासमखास विधायकों को भी दरकिनार कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद जिस तरह से सचिन पायलट के मामले को प्रियंका गांधी और राहुल ने अपने-अपने प्रयास से पैचअप कराने की कोशिश की है, उससे ऐसा लगता है कि सचिन पायलट ने कांग्रेस और गांधी परिवार के प्रति निष्ठा दिखाकर जनता को समझाने की कोशिश की है। इसीलिए जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने सचिन पायलट और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा तो कांग्रेस ने तत्काल सचिन पायलट को इसकी सफाई देने के लिए आगे ला दिया। उनको वीडियो जारी करके अपनी बात रखनी पड़ी।
सचिन पायलट ने प्रधानमंत्री मोदी के बाद का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री झूठ बोल योजना के तहत झूठ बोलते जा रहे हैं। यह दुनिया जानती हैं कि उनके पिता स्वर्गीय राजेश पायलट को इंदिरा गांधी ही राजनीति में लेकर आयीं थीं। पार्टी के अंदर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए भले ही राजेश पायलट में समय-समय पर अपनी आवाज उठाई हो, लेकिन इससे पार्टी के अंदर किसी से कोई मतभेद नहीं रहा है।
3 दिसंबर को आ जाएगा परिणाम
चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे में चुनाव के पहले दोनों नेताओं (गहलोत-पायलट) के बीच सुलह के जो संकेत दिए गए हैं, उससे आलाकमान अगर अपना संदेश जनता तक पहुंचने में सफल रहा होगा तो कांग्रेस को इन सब बातों का फायदा हो सकता है और कांग्रेस कुछ सीटों पर अपनी हार को टालने में कामयाब हो सकती है, लेकिन अगर प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा चली गई चाल कामयाब रही तो कांग्रेस पार्टी को राजस्थान में फिर से सरकार बनाने का दावा केवल सपने जैसा साबित होगा।
आप देख लीजिए सचिन पायलट के हर वीडियो व संदेश को खुद मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया एकाउंट से शेयर किया जा रहा है, ताकि एकजुटता का संदेश दिया जा सके..
कांग्रेस के युवा नेता सचिन पायलट जी की राजस्थान के लोगों से कांग्रेस को वोट देने की अपील।@SachinPilot#कांग्रेस_की7गारंटी#कांग्रेस_फिर_से pic.twitter.com/3bS1PaOhbg — Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 24, 2023
राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान होगा। राजस्थान में मतदान 25 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 3 दिसंबर 2023 को होगी।