पीएम मोदी ओमान के सुल्तान के साथ (फोटो-आईएएनएस)
Narendra Modi Discusses Iran Conflict: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बातचीत की। उन्होंने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करते हुए वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर भारत लगातार संबंधित देशों और अन्य प्रमुख साझेदारों के संपर्क में है। प्रधानमंत्री ने तीनों नेताओं के साथ हालिया घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया और उनके देशों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक से पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की। उन्होंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए निरंतर कूटनीतिक संवाद बेहद आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने ओमान में रह रहे भारतीय समुदाय को दिए जा रहे सहयोग के लिए वहां की सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
वहीं, कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से हुई बातचीत को प्रधानमंत्री ने “सार्थक” बताया। उन्होंने कहा कि भारत कुवैत की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा करता है और इस कठिन समय में कुवैत की जनता के साथ खड़ा है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की अहमियत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए वहां के नेतृत्व के सहयोग की सराहना की।
Spoke with my brother, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani, the Amir of Qatar. We stand firmly in solidarity with Qatar and strongly condemn any violation of its sovereignty and territorial integrity. We emphasized the urgent need to restore peace and stability in the region… — Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2026
इसके साथ ही, कतर के अमीर से बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मेरे भाई, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत हुई। हम कतर के साथ मजबूती से एकजुटता के साथ खड़े हैं और उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं। हमने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। इस चुनौतीपूर्ण समय में कतर में भारतीय समुदाय के प्रति उनके निरंतर समर्थन और देखभाल के लिए मैंने उनका आभार भी व्यक्त किया।”
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इधर, विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि 28 फरवरी 2026 को संघर्ष शुरू होने के समय ही भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी। बयान में कहा गया कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान क्षेत्र की स्थिति लगातार बिगड़ी है, जिससे भारत को गहरी चिंता है।
भारत ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय ले रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और कुशलता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत की व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाएं इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। ऐसे में किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।