PM मोदी, फोटो- IANS
PM Modi Today Speech: आज 13 अप्रैल की सुबह दिल्ली के विज्ञान भवन के बाहर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है। देश के कोने-कोने से आई उन महिलाओं का जमावड़ा शुरू हो चुका है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह लगभग 11 बजे इस मंच से देश की ‘आधी आबादी’ को संबोधित करने वाले हैं।
आज का यह राष्ट्रीय स्तर का ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ बेहद खास है क्योंकि इसमें किसी एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया और समाज सेवा जैसे तमाम क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियां एक छत के नीचे जुटने वाली हैं। प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित होगा कि कैसे राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को और भी सशक्त बनाया जाए।
अक्सर यह शिकायत रहती है कि निर्णय लेने वाली मेजों पर महिलाओं की कमी है, लेकिन आज का आयोजन इसी खाई को पाटने की दिशा में एक बड़ी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि पंचायतों से लेकर संसद तक अब महिलाओं की आवाज और भी बुलंद होनी चाहिए।
आज के संबोधन में सबकी नजरें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर टिकी होंगी। आपको याद होगा कि सितंबर 2023 में संसद ने इस ऐतिहासिक कानून को पारित किया था, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का रास्ता साफ करता है। आज के सम्मेलन को इस कानून के कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
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दिलचस्प बात यह है कि आज से ठीक तीन दिन बाद, यानी 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आज प्रधानमंत्री अपने भाषण में उस रोडमैप की झलक दे सकते हैं, जिस पर आगामी सत्र में विस्तृत चर्चा होनी है। यह कानून महज सीटों का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों महिलाओं के सपनों को पंख देने की गारंटी है जो राजनीति में बदलाव लाना चाहती हैं।
जब प्रधानमंत्री मोदी ‘विकसित भारत 2047’ की बात करते हैं, तो उसका एक केंद्रीय स्तंभ ‘महिला नेतृत्व वाला विकास’ है। आज के इस कार्यक्रम में इस विजन को और भी विस्तार से समझाया जाएगा। सरकार का नजरिया यह है कि महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी न रहें, बल्कि वे खुद योजनाओं और बदलाव की अगुवाई करें।