भारत के ब्रह्मोस और आकाश के दीवाने हुए ये देश... PM मोदी के विदेशी दौरे से पहले पूर्व राजदूत का बड़ा दावा

India Indonesia Bilateral Trade: पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुनायत ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच पीएम मोदी का इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे को कई मायनों में अहम बताया है।
PM Modi foreign tour
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (AI जेनरेटेड इमेज)
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PM Modi Indonesia Visit: दुनिया में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत अपने भरोसेमंद साझेदार देशों के साथ रिश्ते और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरा इसी कड़ी का एक अहम ह‍िस्‍सा माना जा रहा है। यह बयान पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुनायत ने पीएम मोदी की विदेश यात्रा शुरू होने से पहले दिया। अनिल त्रिगुनायत ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा क‍ि दुनिया भर में एक तरह का ग्लोबल मंथन चल रहा है। ऐसे में हमें जहां पर ज्‍यादा संभावना और तालमेल है, वहां पर अपने संबंध मजबूत करने चाह‍िए। अगर आप देखें, इन तीनों देशों, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ में हमारा काफी बड़ा तालमेल है। दोनों देशों में बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है। इसके बावजूद इंडोनेशिया की अपनी एक अलग और सेक्युलर पहचान है। वहां आज भी भारत की प्राचीन संस्कृति का असर देखने को मिलता है और लोग उसे सम्मान भी देते हैं।

आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति का हिस्सा

त्रिगुनायत ने कहा क‍ि भारत हमेशा 'आसियान' को अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और इंडोनेशिया दोनों की सोच काफी हद तक एक जैसी है। जहां तक समुद्री रास्तों का सवाल है, जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, मलक्का स्ट्रेट, बाब-अल-मन्देब या स्वेज कैनाल, ये सभी दुनिया के बड़े व्यापारिक रास्ते हैं। अगर इनमें किसी तरह की रुकावट आती है, तो उसका असर पूरी दुनिया के कारोबार पर पड़ सकता है।  पूर्व राजदूत ने आगे कहा कि, पिछले कुछ सालों में हुए युद्धों ने यह सिखाया है कि ऐसे हालात से निपटने की तैयारी पहले से होनी चाहिए। यही वजह है कि भारत अपने भरोसेमंद साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दे रहा है।

भारत-इंडोनेशिया के बीच बढ़ रहा सहयोग

उन्होंने कहा कि आज दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, कृषि, व्यापार और निवेश जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ रहा है। भारत की 130 से ज्यादा कंपनियां इंडोनेशिया में काम कर रही हैं, और दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर का निवेश हो चुका है। वहीं, इंडोनेशिया की कई कंपनियां भी भारत में निवेश कर रही हैं। रक्षा के क्षेत्र में भी भारत की पहचान मजबूत हुई है। 

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इंडोनेशिया दौरे पहुंचे पीएम मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)

पूर्व राजदूत ने कहा हाल के समय में ब्रह्मोस, आकाश और दूसरी रक्षा प्रणालियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके बाद कई देशों की दिलचस्पी भारतीय रक्षा उपकरणों में बढ़ी है और इंडोनेशिया भी उनमें से एक है। उन्होंने कहा मैं समझता हूं कि भारत और डिफेंस सिक्योरिटी में तो आपने देखा कि आजकल जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का असलहा, चाहे वो ब्रह्मोस हो, आकाश तीर हो, इन सब में लोगों का बड़ा इंटरेस्ट जागा है, क्योंकि भारत ने अपनी एफिशिएंसी प्रूव की।

कई क्षेत्रों में साथ मिलकर रहे काम

त्रिगुनायत ने कहा क‍ि भारत और इंडोनेशिया कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। जैसे भारत में 'मेक इन इंडिया' अभियान है, वैसे ही इंडोनेशिया 'मेक इन इंडोनेशिया' को बढ़ावा देना चाहता है। दोनों देश मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जिससे दोनों को फायदा हो। पाम ऑयल, कोयला, ऊर्जा, निवेश और दूसरी कई अहम जरूरतों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

न्यूजीलैंड के साथ ट्रेड एग्रीमेंट अहम

अनिल त्रिगुनायत ने कहा क‍ि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यूजीलैंड दौरा भी कई मायनों में काफी महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि‍ न्यूजीलैंड के साथ अभी हमने एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी साइन किया है। हमारी वहां भारतीय जनसंख्या भी है और यह देश हमें अक्सर सपोर्ट करता रहा है। वहां पर भी जाना आवश्यक बनता है। उन्होंने कहा कि इंडो पैसिफिक के कॉन्टेक्स्ट में आप देखें तो उसमें न्यूजीलैंड का बड़ा योगदान है।

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भारत के लिए अहम है न्यूजीलैंड (AI जेनरेटेड इमेज)

वहीं, ऑस्ट्रेलिया के साथ भी पिछले 8-10 सालों में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। वहां की सरकार चाहे किसी भी पार्टी की रही हो, भारत के साथ संबंधों को हमेशा अहमियत दी गई है। दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी का समझौता भी है।

भारत के लिए काफी अहम है ऑस्ट्रेलिया

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ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के मजबूत रिश्ते (AI जेनरेटेड इमेज)

त्रिगुनायत ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भी भारत के लिए ऊर्जा, निवेश और शिक्षा के लिहाज से बेहद अहम देश है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ते हैं और कई भारतीय काम भी करते हैं। इसी वजह से दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। इंडोनेशिया ब्रिक्स का सदस्य है और इस बार भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। वहीं ऑस्ट्रेलिया क्वाड का सदस्य है और भारत इस साल क्वाड की भी अध्यक्षता कर रहा है। इसलिए इन देशों के साथ बातचीत का महत्व और भी बढ़ जाता है।

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