बहावलपुर से 40 KM दूर पहुंचेंगे PM मोदी, जैश के ठिकाने की तबाही के बाद बीकानेर दौरे से दिखेगा भारत का सख्त संदेश

PM मोदी बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन उतरकर प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। यह दौरा जैश-ए-मोहम्मद के पाक मुख्यालय पर कार्रवाई के बाद हो रहा है, जिसके चलते इसे एक तरह का छुपा हुआ संदेश देना भी माना जा रहा है।
बहावलपुर से 40 KM दूर पहुंचेंगे पीएम मोदी, जैश के ठिकाने की तबाही के बाद बीकानेर दौरे से दिखेगा भारत का सख्त संदेश
पीएम नरेन्द्र मोदी (फोटो- सोशल मीडिया)
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बीकेनेर: पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय पर भारतीय कार्रवाई के कुछ ही दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीकानेर के उस स्थान पर पहुंचने वाले हैं जो इस आतंकी अड्डे से महज 40 किलोमीटर दूर है। मोदी का यह दौरा सिर्फ विकास योजनाओं का लोकार्पण भर नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट संदेश भी माना जा रहा है। नाल एयरबेस पर उतरने के बाद मोदी देशनोक के करनी माता मंदिर में दर्शन करेंगे और फिर एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। यह यात्रा रणनीतिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।

इस दौरे में प्रधानमंत्री करीब 26 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इनमें देशनोक रेलवे स्टेशन के नए भवन का लोकार्पण भी शामिल है। इसके साथ ही पालना क्षेत्र में होने वाली जनसभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें हजारों लोगों के जुटने की संभावना है। इस कार्यक्रम को चुनावी नजरिए से भी अहम माना जा रहा है, लेकिन इससे भी अधिक यह दौरा सुरक्षा और आत्मविश्वास के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।

करनी माता मंदिर में दर्शन के साथ शुरू होगा दौरा

प्रधानमंत्री मोदी बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन पर गुरुवार सुबह पहुंचेंगे और सबसे पहले देशनोक स्थित प्रसिद्ध करनी माता मंदिर में पूजा करेंगे। यह मंदिर शक्ति और विजय की प्रतीक मानी जाती हैं, जिससे इस दौरे को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार भी मिल रहा है। मोदी यहां देश की सुरक्षा, विकास और विजय की कामना करेंगे, और यह स्थान पाकिस्तान की सीमा से बेहद नजदीक होने के कारण भी विशेष महत्व रखता है।

नाल एयरबेस पर जवानों से मिल सकते हैं प्रधानमंत्री

बीकानेर का नाल एयरबेस वही स्थान है जिसे ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल से निशाना बनाने की असफल कोशिश की थी। ऐसे में मोदी का यहां उतरना न सिर्फ भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि यह सीमा पार बैठे दुश्मनों को स्पष्ट चेतावनी भी है। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री यहां वायुसेना के जवानों से मुलाकात भी कर सकते हैं, जिससे जवानों का मनोबल और बढ़ेगा।

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