भोगपुरम एयरपोर्ट से विवेक स्मारक तक, पीएम मोदी कल देंगे कई विकास परियोजनाओं की सौगात

PM Modi Karnataka Visit: PM मोदी 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश में भोगपुरम एयरपोर्ट का उद्घाटन और ₹17,900 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे। वहीं, मैसूर में 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन करेंगे।
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सांकेतिक फोटो (सोर्स-डिजाइन फोटो)
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Pm Modi Launch Bhogapuram International Airport Vizianagaram: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के दौरे पर रहेंगे। वह आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे और 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखकर उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके बाद वह मैसूरु में श्री रामकृष्ण आश्रम के स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन करेंगे।

भोगपुरम एयरपोर्ट और विकास परियोजनाओं की सौगात

5,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से PPP मॉडल के तहत बने भोगपुरम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को सालाना 60 लाख यात्रियों की क्षमता के हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें एआई, बायोमेट्रिक प्रोसेसिंग, ऑटोमेटेड बैगेज सिस्टम और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। एयरपोर्ट का डिजाइन आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है और इससे पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और हाईवे परियोजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले एएसआईपी सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखेंगे। यह आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा होगी, जहां सालाना करीब 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण होगा।

इसके अलावा वह लगभग 5,550 करोड़ रुपये की ट्रांसमिशन परियोजना की आधारशिला रखेंगे तथा करीब 3,550 करोड़ और 820 करोड़ रुपये की ट्रांसमिशन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। साथ ही 1,880 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनसे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, सड़क सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

मैसूर में 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र - 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन करेंगे।

'विवेक स्मारक' नवंबर 1892 में भारत यात्रा के दौरान स्वामी विवेकानंद की मैसूर की ऐतिहासिक यात्रा की याद दिलाता है। यहां रहने के दौरान उन्होंने प्रवचन दिए, विद्वानों और भक्तों से बातचीत की, और महाराजा चामराजेंद्र वाडियार एक्स का संरक्षण प्राप्त किया। महाराजा के सहयोग से ही वे 1893 में शिकागो में 'धर्म संसद' में भाग लेने में सक्षम हुए।

युवाओं के लिए बनेगा प्रेरणा और शिक्षा का केंद्र

ऐतिहासिक निरंजन मठ में स्थापित 'विवेक स्मारक' 81,000 वर्ग फुट से अधिक के निर्मित क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें एक मुख्य भवन तथा एक एनेक्स ब्लॉक (अतिरिक्त भवन) शामिल है। इसमें एक 4-डी अनुभव केंद्र, एक प्रदर्शनी हॉल, लगभग 700 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक एम्फीथिएटर, क्लासरूम, कॉन्फ्रेंस रूम, एक लाइब्रेरी, एक रीडिंग रूम, ध्यान और योग हॉल तथा एक बुक स्टाल है। इस केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं भी शामिल हैं।

स्वामी विवेकानंद के जीवन, संदेश और आदर्शों को समर्पित इस सांस्कृतिक युवा केंद्र का उद्देश्य मूल्यों पर आधारित शिक्षा, नेतृत्व विकास और व्यक्तित्व निर्माण के लिए एक जीवंत केंद्र के रूप में काम करना है। उम्मीद है कि इससे आस-पास के शिक्षण संस्थानों के 10,000 से अधिक छात्रों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा। उन्हें स्वामी विवेकानंद की राष्ट्र-निर्माण और चरित्र-निर्माण की विचारधारा से प्रेरित व्याख्यानों, कार्यशालाओं, अल्पकालिक पाठ्यक्रमों और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से लाभ मिलेगा।

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